कोटा

ऊंची पहुंच वाली है रिश्वतखोर उपनिरीक्षक, मर्जी से कराती है पोस्टिंग

कोटा . एक दिन पहले रिश्वत लेते पकड़ी गई पुलिस उपनिरीक्षक मुकेशी को बूंदी जिले में करीब चार साल हो गए। वह शुरुआत से ही अपनी मर्जी के थानों में लगी। पहले ऑफिस में रही। इसके बाद कोतवाली में लगाई, लेकिन ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद करीब एक साल महिला थाने में रही। फिर सदर थाने में लगाई गई, लेकिन कुछ ही दिन काम किया। फिर देईखेड़ा थाने में लगी। देईखेड़ा थाना मलाईदार पोस्टिंग माना जाता है। ऐसे में कम अवधि में मुकेश बाई मीणा को देईखेड़ा थाने में लगाने का आदेश काफी चर्चा में रहा।

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Sep 06, 2020
ऊंची पहुंच वाली है रिश्वतखोर उपनिरीक्षक, मर्जी से कराती है पोस्टिंग, इसे देईखेड़ा लगाने से पहले एक पुलिसकर्मी हुआ था लाइन ​हाजिर

कोटा . एक दिन पहले रिश्वत लेते पकड़ी गई पुलिस उपनिरीक्षक मुकेशी को बूंदी जिले में करीब चार साल हो गए। वह शुरुआत से ही अपनी मर्जी के थानों में लगी। पहले ऑफिस में रही। इसके बाद कोतवाली में लगाई, लेकिन ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद करीब एक साल महिला थाने में रही। फिर सदर थाने में लगाई गई, लेकिन कुछ ही दिन काम किया। फिर देईखेड़ा थाने में लगी।

देईखेड़ा थाना मलाईदार पोस्टिंग माना जाता है। ऐसे में कम अवधि में मुकेश बाई मीणा को देईखेड़ा थाने में लगाने का आदेश काफी चर्चा में रहा। यही नहीं, मुकेश बाई मीणा को लगाने के दौरान देईखेड़ा थाने में लगे रमेश मीणा को लाइन हाजिर किया गया था।

थाने में लगते ही वसूली का खेल शुरू
सवाईमाधोपुर जिले के सूरवाल थाना क्षेत्र के अजनोदी गांव निवासी 30 वर्षीय मुकेश बाई मीणा 37 दिन पहले ही देईखेड़ा थानाधिकारी लगाई गई थी। वह शुरुआत से बेखौफ थी। पहले ही दिन अवैध बजरी के मामलों के ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों पर कार्रवाई शुरू कर बंधी का खेल जमाना शुरू कर दिया था। जिसकी चर्चाएं आम होने लगी थी। शनिवार को रिश्वत लेते पकड़ी गई।

लबान चौकी पर तय होता था सौदा
बजरी की बंधी के मामले में सौदा लबान चौकी पर तय हो रहा था। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। थानाधिकारी ने दो ट्रैक्टरों को छोडऩे की रेट 1 लाख रुपए बताई। बाद में मामला 40 हजार रुपए में तय हुआ और पैसे लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ दिए।

हर माह लाखों के वारे न्यारे
जानकारों के मुताबिक, देईखेड़ा थाना क्षेत्र में बजरी और पत्थर लाने-ले जाने में दो सौ अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगे हुए बताए। इनमें लाखेरी क्षेत्र से पत्थर एवं चम्बल और मेज नदी से बजरी निकाली जा रही। यानी लाखों रुपए का खेल बजरी और पत्थर की बंधी के नाम से चल रहा था।

बंधी के 14 हजार रुपए लेते गिरफ्तार
कोटा एसीबी टीम ने शनिवार शाम बूंदी जिले के देईखेड़ा थानाधिकारी मुकेशी मीणा को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी ने यह राशि अवैध खनन कर ले जाने वाले वाहनों को छोडऩे की बंधी की एवज में ली थी। प्रकरण के अनुसार कोटा एसीबी टीम को 3 सितम्बर को लिखित शिकायत मिली थी। इसमें बताया था कि रैबारपुरा के निकट एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को थानाधिकारी मुकेशी मीणा ने पकड़ लिया। तब थानाधिकारी से ट्रैक्टर को छोडऩे की बात की तो उसने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। जब काफी निवेदन किया तो 40 हजार रुपए देने पर ट्रैक्टर छोडऩे को राजी हुई। यह राशि थाने के ही कांस्टेबल कुलदीप को देने के लिए कह दिया। तब राशि लबान चौकी में मौजूद कांस्टेबल को दी। उसने दो ट्रैक्टर छोड़े, साथ ही एक ट्रैक्टर को चलाने के लिए हर माह बंधी 15 हजार रुपए अलग से निर्धारित कर ली। बंधी देने पर ही ट्रैक्टर चलाने की अनुमति दी। इस शिकायत का कोटा एसीबी टीम ने सत्यापन कराया। जब पुष्टि हुई तो उसे थाने के कक्ष में शनिवार को बंधी के 14 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने थानाधिकारी की सरकारी गाड़ी से 14 हजार रुपए बरामद किए। कार्रवाई कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार के नेतृत्व में की गई।

Updated on:
06 Sept 2020 02:30 pm
Published on:
06 Sept 2020 02:27 pm
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