कोटा

दुल्हन से सजे शहर के बाजार, खत्म हुआ खरीदारों का इंतजार

कई महीनों के सन्नाटे के बाद आखिरकार दिवाली पर कोटा के बाजार में रौनक लौटती नजर आ रही है।
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Oct 15, 2017
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Business Boom on diwali in Kota Market

ज्यों-ज्यों दीपोत्सव नजदीक आ रहा, बाजार चमकने लगे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों, शोरूम संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान खास अंदाज में सजाने शुरू कर दिए हैं। शहर के स्वर्ण रजत कला मार्केट सब्जीमंडी मार्केट को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है।

ग्राहकों को लुभाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कोई विद्युत सजावट कर रहा है तो कोई सड़क पर खास डिजाइन के शामियाने लगाकर प्रतिष्ठान को डेकोरम जमाने में लगा हुआ है। बाजार विभिन्न ब्रांडेड कम्पनियों के उत्पादों से सज चुके हैं। शोरूम संचालकों ने भी ग्राहकों का उत्साह देखते हुए स्टाफ में बढ़ोतरी कर ली है। अब बाजार में खरीदारी का बूम शुरू होने को है जो दीपोत्सव तक रहेगा। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार दीपोत्सव पर शहर में एक हजार करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। बाजार भी दुल्हन सा सज गया है।

वैराइटी का बूम

ज्वैलरी, कपड़ा, रेडिमेड गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल्स के शोरूम वैराइटी से सजे हैं। भारी मात्रा में उत्पाद मंगाए हैं। कई दुकानदारों ने दुकानों के पास ही किराए से गोदाम तक लिए। इस दिवाली पर ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रोनिक आइटम की खासी डिमांड देखी जा रही है। दीपोत्सव के लिए कम्पनियों में व्हीकल की एडवांस बुकिंग करवा दी है। इलेक्ट्रोनिक आयटम्स की ओर भी इस बार ग्राहकों का खासा जोर देखा जा रहा। शोरूमों पर वाहन की पूछ परख करने के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों ने ग्राहकों की आमदरफ्त बनी हुई है।

बोनस ने बढ़ाई खुशियां

बाजारों में चहुं ओर उत्साह, उमंग का माहौल है। लेकिन दुकानदार खुद मान रहे कि सरकारी व गैरसरकारी कर्मचारियों दीपावली बोनस मिलने के बाद एकदम बूम आएगा। कर्मचारी वर्ग परिवार सहित बाजारों, शोरूमों में घूमकर उत्पादों की पड़ताल कर रहें, मार्केट रुख भी देख रहे। कारबारियों ने उम्मीद जताई है कि इस दिवाली पर 300 करोड़ का रियल स्टेट, 400 करोड़ का ऑटोमोबाइल्स, 175 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स, 125 करोड़ का ज्वैलरी, 75 करोड़ का कपड़ा, 50 करोड़ का मिठाई-गिफ्ट, 40 करोड़ का होम डेकोरेशन और 35 करोड़ के आतिशबाजी कारोबार के साथ-साथ 10 करोड़ का खुदरा व्यवसाय होने की उम्मीद है।

पांच दिन खरीदारी का जोर

कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि नोटबंदी, जीएसटी से व्यापारी वर्ग हतोत्साह है लेकिन खरीफ की फसलें ठीक हैं। ऐसे में शहर की अपेक्षा ग्रामीणों में खरीदारी का ज्यादा रुझान नजर आ रहा। पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान शहर में करीब १२०० करोड़ के कारोबार होने की उम्मीद है।

Published on:
15 Oct 2017 09:54 am