संगीन अपराधों में लिप्त बड़े आरोपित जेल को भी अय्याशी का अड्डा समझते हैं। कोटा जेल को भी इन अपराधियों ने जेलर व अन्य स्टाफ से मिलकर मौज-मस्ती की जगह बना दिया था। खाने-पीने, पहनने से लेकर अन्य सुख-सुविधाओं के लिए ये अपराधी बाहर के लोगों से सेटिंग करते थे।
सलाखों के पीछे रंगीन लाइफ जीने के लिए अपराधी ऐसे करते हैं सेटिंग
संगीन अपराधों में लिप्त बड़े आरोपित जेल को भी अय्याशी का अड्डा समझते हैं। कोटा जेल को भी इन अपराधियों ने जेलर व अन्य स्टाफ से मिलकर मौज-मस्ती की जगह बना दिया था। खाने-पीने, पहनने से लेकर अन्य सुख-सुविधाओं के लिए ये अपराधी बाहर के लोगों से सेटिंग करते थे।
एसीबी की ओर से जेलर बंदी वसूली प्रकरण में कोर्ट में पेश चालान रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिकॉर्डिंग के तथ्य इस बात का खुलासा करते हैं। जेल में बंद भाया बना को पदम के कड़के व मिक्चर पसंद थे। वह नमकीन व कचौरी भी मंगवाकर खाता था। इसके अलावा कपड़े भी ब्राण्डेड कंपनी के तीन-तीन हजार के पहनता था।
बत्तीलाल ने नहीं की फोन पर बात
एसीबी सूत्रों के अनुसार अभी तक की जांच में कहीं भी बत्तीलाल ने अनूप व दलालों से फोन पर बात नहीं की। पूरी बातचीत अनूप, राजू व इमरान के बीच हुई है। साथ ही, अन्य बंदियों व लोगों की बात भी है। बत्तीलाल होशियर है और जानता है कि बात करने पर पकड़ा जाएगा। इसलिए उसने पूरे मामले में एक बार भी बात नहीं की।
जेल के सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद
एसीबी निरीक्षक विवेक सोनी ने जब जेल से डीवीआर जब्त किया और उसके फुटेज देखे तो कैमरा नम्बर दो की रिकॉर्डिंग में 3 अप्रेल की रात 8 बजकर 46 मिनट 57 सैकण्ड पर बत्तीलाल व अनूप पाडि़या जेल के अंदर मुख्य द्वार से मुख्य कार्यालय की ओर खुलने वाले दरवाजे से एक साथ प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं।
हंसराज नागर उर्फ राजू के मोबाइल नंबर 8955976100 से कुम्हेर के मोबाइल नंबर 9024183337 पर 2 अप्रेल 2017 को सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर हुई बातचीत का ब्योरा।
राजू - हैलो
कुम्हेर - हैलो, अरे कहां है भाई राजू
राजू - आप कौन
कुम्हेर - अरे कुम्हेर बोल रहा हूं, कहां है
राजू - गुमानपुरा
कुम्हेर - अरे यहां कब आएगा फिर
राजू - एक मिनट मेरी बात कराओ इससे
गुमान (जेल के बाहर ठेले वाला) - हैलो
राजू - इनसे चेक ले लो और एक हजार रुपए दे दो
गुमान - ठीक है
राजू - हैलो मैं आ रहा हूं फिर
गुमान - ठीक है तुम आना और एक काम और है, वो भी करना यार
राजू - बोलो
गुमान - अरे कोई आदमी से तुमको पैसा लाना है, फोन करके पूछ लूं यार
राजू - हां, पूछ लो ना
गुमान - हां मैं अभी पूछता हूं, कहां आना है तेरे नंबर दे दूंगा उसको, जो उठा लेना
राजू - हां तो चेक ले लो एक हजार रुपए दे दो इनको
गुमान - ठीक है
राजू - मैं आ रहा हूं गुमानपुरा दस मिनट में
हंसराज नागर उर्फ राजू के मोबाइल नंबर 8955976100 से कुम्हेर के मोबाइल नंबर 9024183337 पर 2 अप्रेल 2017 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर हुई बातचीत का ब्योरा
गुमान - हैलो
राजू - अरे दे दो ना आप तो, मैं आ रहा हूं पांच मिनट में आप तो दे दो, क्यों बहस कर रहे हो
गुमान - हां-हां दे दिए ना मैंने
राजू - बस तो फिर आ रहा हूं
गुमान - ये पन्द्रह सौ की कह रहे हैं
राजू - हजार रुपए दे दो, आ रहा हूं मैं दे दूंगा आपको भी
गुमान - अच्छा ठीक...
एक साथ मंगवाते थे 500 रुपए की नमकीन
राजू के मोबाइल नंबर 8955976100 से अनूप पाडि़या के मोबाइल नंबर 9887776508 पर 2 अप्रेल 2017 को सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर हुई बातचीत का ब्योरा
राजू - हैलो
भाया बना - हां राजू, अरे तूने हजार रुपए दे दिए थे ना उसको, इमरान को
राजू - अरे दे तो दिए भैया
भाया बना - फिर बार-बार का क्या लफड़ा हो रहा है। वो कह रहा है राजू भैया ने कहां दिए मेरे को, उससे बोल दिया था चार-पांच दिन पहले
राजू - ठीक है मैं बोलता हूं उस इमरान को
भाया बना - उसको बोल, इमरान दे तो दिए तेरे को पैसे, किस बात के पैसे मांग रहा है
राजू - ठीक है
भाया बना - अरे तूने वो नमकीन भेजी नहीं, भेज मेरे भाई
राजू - अरे वो सुखिया से नमकीन के पैकेट
भाया बना - अरे वो सुखिया से दिलाए नमकीन के पैसे
राजू - हां सुखिया से ले लिए मैंने नमकीन के पैसे
भाया बना - कब लिए तेने
राजू - हां कल
भाया बना - अरे तेरे को साढ़े पन्द्रह हजार दिए जानकी ने
राजू - हां-हां
भाया बना - हां तो पांच सौ नमकीन के हैं उसमें
राजू - हां याद है मेरे को बोल दिया उसने
भाया बना - पदम वाली ठीक है ना, पदम वाली ही भेजना
राजू - ठीक
12 मार्च को रात 8 बजकर 13
मिनट पर
राजू - हैलो
अनूप - हां राजू आ गया बेटा
राजू - हां अंटाघर
अनूप - ठीक...सब कुछ कम्पलीट है
राजू - हां सब कम्पलीट है, आपका पैकेट तैयार करने दो मेरे को...एक मिनट रुक जाओ
अनूप - अब एक काम करेगा और
राजू - हां
अनूप - उन्नीस की जगह उन्नीस पांच सौ का लिफाफा कर सकता है भाई...
राजू - हां कर रहा हूं
अनूप - चल तेरा बहुत-बहुत धन्यवाद, भेज रहा हूं बत्तीलालजी को
बॉस को तुरंत भेज दूंगा बाहर
जेलर बत्तीलाल के लिए रुपयों, केक, चॉकलेट व आइस्क्रीम मंगवाने का आर्डर देते वक्त अनूप ने राजू से कहा कि जब वह पहुंच जाए तो बता देना वह बॉस को तुरंत बाहर भेज देगा।
24 मार्च शाम 7 बजकर 35 मिनट पर
अनूप - हैलो
राजू - हां बोलो
अनूप - तू मेरी बात सुन, एक तो तुझे बनाना है 15 का लिफाफा और देना है ढाई सौ का केक... कर सकता है
राजू - पहले लिफाफा देकर आऊं ना...
अनूप - हां पहले लिफाफा देना, फोन कर ले उनको
24 मार्च को रात 8 बजकर 5 मिनट पर
अनूप - नयापुरा से लेकर आए, तुरंत बता देना...तभी तुरंत बॉस को भेज दूंगा बाहर.. बॉस को दे देना
राजू - हां तो मैं बस..आप तो उनको दस मिनट के अंदर-अंदर भेज दो
अनूप - मैं 10 मिनट में बाहर भेज दूंगा, तू 15 का लिफाफा, दो कोन व 4 चोकबार...ठीक है
28 मार्च को दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर
अनूप - हां वो घड़ी कितने की है
राजू - चौवन सौ कुल रुपए की
अनूप - चौवन सौ
राजू - हां वहां पर देखकर आया हूं पर पैंतालीस सौ रुपए की बताई है
अनूप - तो तू चौवन सौ रुपए क्यों कह रहा है
राजू - अरे ध्यान नहीं रहा, कल रात वाली ध्यान रह गई गुमानपुरा वाली
अनूप - नहीं...जो अपन ने मॉडल नम्बर लिखवाया था वो बता कितने की है
राजू - हां वो ही तो
अनूप - सेम टू सेम
राजू - पैंतालिस सौ पिचावने रुपए की
अनूप - वही मॉडल नम्बर है ना
राजू - हां वही है
अनूप - तू ले आ जाकर
राजू - अभी देनी है क्या
अनूप - हां ले आ..अभी ले आ..आधे घंटे में ले आना अभी..
27 फरवरी को शाम 7 बजकर 47 मिनट पर हुई वार्ता
इमरान : ठीक है दे दूंगा...एक हजार
अनूप : अबे
इमरान : एक हजार का देना है ना
अनूप : मजाक मत किया कर इमरान
इमरान : तो कितने का आठ का
अनूप : दस का
इमरान : ठीक है दे दूंगा दस का
अनूप : ठीक है