
भरूच. भरूच शहर से प्रतिभा और नवाचार की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां कक्षा नौ में पढ़ने वाले दो छात्रों ने समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और संवेदनशील समस्या का तकनीकी समाधान खोज निकाला है। संस्कार विद्याभवन स्कूल में अध्ययनरत छात्र वंश दादेश और मोक्षित राणा ने मूक-बधिर लोगों की सहायता के लिए एक विशेष डिवाइस विकसित की है, जो उनकी सांकेतिक भाषा को टेक्स्ट और स्पीच में बदलने में सक्षम है।मूक-बधिर समुदाय को रोजमर्रा के जीवन में संवाद से जुड़ी कई कठिनाइयों का आज भी सामना करना पड़ता है। आम लोग साइन लैंग्वेज नहीं समझ पाते, जिससे अस्पताल, स्कूल, सरकारी दफ्तर या सार्वजनिक स्थानों पर संवाद में बड़ी बाधा उत्पन्न होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वंश और मोक्षित ने अपने स्कूल प्रोजेक्ट के तहत इस डिवाइस को विकसित करने का निर्णय लिया। छात्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में उन्हें केवल 5 दिन का समय लगा और कुल खर्च लगभग 4 हजार रुपए आया। इतनी कम लागत में तैयार यह डिवाइस भविष्य में बड़े स्तर पर उपयोगी साबित हो सकती है। खास बात यह भी है कि इस प्रोजेक्ट को रीजनल लेवल की सीबीएसई एक्सपो में प्रस्तुत किया गया, जहां से इसे नेशनल लेवल के लिए चयनित किया गया है।
डिवाइस की खास बात यह है कि यह हाथों की गतिविधियों यानी साइन लैंग्वेज को पहचानने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करता है। डिवाइस में दो प्रकार के सेंसर लगाए हैं, जो हाथों की गति और उंगलियों की स्थिति को मोशन कैप्चर तकनीक के माध्यम से पहचानते हैं। यह डेटा प्रोसेस होकर मोबाइल या लैपटॉप पर टेक्स्ट के रूप में दिखाई देता है और साथ ही उसे स्पीच यानी आवाज में भी बदला जा सकता है। इसके जरिए मूकबधिर व्यक्ति जो संकेतों के माध्यम से बात करना चाहता है, उसे सामान्य व्यक्ति आसानी से समझ सकता है।
वंश और मोक्षित ने बताया कि यह डिवाइस फिलहाल बेसिक साइन लैंग्वेज को पहचानने में सक्षम है, लेकिन भविष्य में वे इसे और अधिक एडवांस बनाना चाहते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा संकेतों को सटीक रूप से पहचाना जा सके। आने वाले समय में इस डिवाइस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जोड़कर और ज्यादा प्रभावी बनाकर अलग-अलग लोगों की साइन लैंग्वेज स्टाइल को भी आसानी से समझ सकेगी। इसके अलावा, वे इसे अधिक हल्का, सस्ता और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर भी काम करना चाहते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा मूकबधिर लोग इसका लाभ उठा सकें।
Published on:
10 Jan 2026 06:42 pm
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