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सीएम के कार्यक्रम से पहले आप उतरी सड़क पर, पाटीदार हॉस्टल की एफएसआई के मुद्दे पर जताया विरोध

लेउवा पाटीदार समिति के ‘राजस्वी सम्मान समारोह’ से पहले विरोधी बैनरों से गरमाई राजनीति
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सूरत

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Sandip Kumar N Pateel

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Updated: 3 Jan 2026, 8:33 PM IST

सूरत. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के शनिवार को सूरत दौरे से ठीक पहले शहर की राजनीति अचानक गरमा गई है। समस्त लेउवा पाटीदार समिति की ओर से शाम को राजस्वी सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, लेकिन उससे पहले सुबह आम आदमी पार्टी ने शहरभर में लगे कार्यक्रम के पोस्टरों पर विरोधी बैनर चिपका दिए। साथ ही पाटीदार हॉस्टेल की पेड एफएसआई रद्द करने की मांग के साथ पोस्टर और बैनरों के साथ सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे कार्यक्रम से पहले ही सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है और पूरे शहर में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

,भाजपा मंत्रियों पर समाज के नाम पर राजनीति करने के आरोप

सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटील, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहने वाले थे। वहीं. मंच पर मंत्री जीतू वाघाणी, प्रफुल्ल पानसेरिया, कौशिक वेकरिया और कमलेश पटेल का सम्मान प्रस्तावित था। कार्यक्रम से पहले आप द्वारा लगाए गए बैनरों में भाजपा और सरकार पर सीधे तौर पर तीखा हमला बोला गया है। बैनरों पर लिखा गया कि पाटीदार समाज के नाम पर अपने राजनीतिक रोटियां सेंकते भाजपा के मंत्री, पटेल समाज की हॉस्टल की पेड एफएसआई रद्द करो और बड़ी कंपनियों का टैक्स माफ, दान से चलने वाली संस्थाओं से वसूली क्यों?। पार्टी का आरोप है कि सरकार एक ओर बड़ी कंपनियों के करोड़ों रुपये के टैक्स माफ कर देती है, वहीं दूसरी ओर दान और सहयोग से चलने वाली पाटीदार समाज की हॉस्टल से करीब 3 करोड़ रुपये पेड एफएसआई के नाम पर वसूले जा रहे हैं।

महापौर दक्षेश मावाणी को भी घेरा

विपक्ष नेता पायल साकरिया ने इस मुद्दे पर सूरत के महापौर दक्षेश मावाणी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि पहले इस राशि को माफ करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में आवेदन नामंजूर कर दिया गया, जिससे समाज में गहरी नाराजगी है। साकरिया ने सवाल उठाया कि तीन लाख करोड़ रुपये के बजट वाली सरकार के लिए शैक्षणिक और सेवाभावी संस्था से तीन करोड़ की वसूली आखिर क्यों जरूरी है। कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले आप कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने से माहौल और गरमा गया है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार सेवाभावी संस्थाओं को पेड एफएसआई से राहत देने के लिए स्पष्ट और स्थायी नीति बनाए।