राजस्थान वन्य जीव विभाग के अधीन आने वाले कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में गुरुवार को एक बाघ के हमले में केयरटेकर की मौत हो गई। घटना शाम 4:45 बजे की है। बाघ के हमले में घायल केयर टेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से टाइगर की तबीयत ठीक नहीं थी। उसकी देखभाल के लिए ही केयरटेकर एनक्लोजर में गया था।
राजस्थान वन्य जीव विभाग के अधीन आने वाले कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में गुरुवार को एक बाघ के हमले में केयरटेकर की मौत हो गई। घटना शाम 4:45 बजे की है। बाघ के हमले में घायल केयर टेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से टाइगर की तबीयत ठीक नहीं थी। उसकी देखभाल के लिए ही केयरटेकर एनक्लोजर में गया था।
रेंजर दुर्गेश कहार ने बताया कि बायोलॉजिकल पार्क में जंगली जानवरों के लिए एनक्लोजर बने हुए हैं। एक एनक्लोजर में बाघ नाहर और बाघिन महक रहते हैं। जब केयरटेकर रामदयाल नागर बीमार बाघ पर स्प्रे कर रहा था, उसी दौरान उसने केयरटेकर पर हमला कर दिया। साथी कर्मचारी उसे गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गर्दन के नीचे काफी गंभीर चोटें
बाघ के हमले में केयरटेकर की गर्दन के नीचे काफी गंभीर चोटें आईं। टाइगर के नाखून शरीर में काफी अंदर तक धंस गए थे। रामदयाल के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई है।
जयपुर से आया था बाघ व बाघिन का जोड़ा
जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से 1 मार्च, 2023 को ही बाघ-बाघिन नाहर और महक का जोड़ा अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था। बीते कुछ दिनों से बाघ नाहर की तबीयत ठीक नहीं थी।