कोटा

रेलवे मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर सीटीआई के खिलाफ मामला दर्ज

आर्थिक नुकसान पहुंचाया-मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में कोर्ट में पेश किया था चालान
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Updated: 19 Jun 2018, 4:54 PM IST
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कोटा.रेलवे के एक सीटीआई ने मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में बिना टिकट पकड़े यात्रियों के चालान अदालत में पेश कर दिए। दो साल पुराने इस मामले का पता चलने पर रेलवे मजिस्ट्रेट की ओर से सीटीआई के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दी गई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।


जीआरपी थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा ने बताया कि रेलवे मजिस्ट्रेट राकेश गोयल की ओर से स्टेनो इंसाफ मोहम्मद ने दो दिन पहले रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि अदालत के रिकॉर्ड देखने पर फरवरी 2016 में कुछ परिवादों को कब और किस सीटीआई ने अदालत में पेश किया, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। इस पर जनवरी 17 से अप्रेल 2017 तक का रिकॉर्ड मंगवाकर देखा गया। इसमें पता चला कि 17 फरवरी 2016 को तत्कालीन रेलवे मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण होने से वे रिलीव हो गए। नए पीठासीन अधिकारी ने 20 फरवरी को कार्यभार संभाला था, लेकिन इस बीच चैकिंग के दौरान बिना टिकट पकड़े गए यात्रियों के कुछ चालान 18 व 19 फरवरी को अदालत में पेश किए गए। साथ ही, उनका विभागीय रजिस्टर में फैसला करना दर्शाया हुआ है। जबकि इन दोनों दिन अदालत में मजिस्ट्रेट ही उपस्थित नहीं थे।
जांच करने पर पता चला कि यह कार्य कोटा में कार्यरत सीटीआई फ्रांसिस होमनिक ने किया।

इस पर मजिस्ट्रेट की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया कि सीटीआई फ्रांसिस होमनिक ने षड्यंत्रपूर्वक विभागीय रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आपारधिक कृत्य किया है। साथ ही, रेलवे को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया है। सीआई शर्मा ने बताया कि इस रिपोर्ट पर सीटीआई के खिलाफ धारा 417,468 व 468 में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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