
नैनवां. थाना क्षेत्र के बड़ीपड़ाप गांव में खेत पर फसल की रखवाली करने गए 60 वर्षीय किसान प्रभुलाल बैरवा सुबह मृत मिला। परिजनों ने खेत से मवेशी भगाने के दौरान मवेशियों द्वारा कुचल दिए जाने से मौत होना बताया है। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
थाने के एएसआई खेमराज मीणा ने बताया कि सुबह आठ बजे थाने पर एक व्यक्ति के खेत पर मरा पड़ा होने की सूचना मिली तो थानाधिकारी लखनलाल मीणा मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का मौका देखने के शव को पोस्टमार्टम के लिए नैनवां सीएचसी पहुंचाया। मृतक के शरीर पर मामूली खरोंच के निशान थे और धूल में सना हुआ था। जिससे मौत के कारण संदिग्ध मानते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया।
मृतक के पुत्र रामसागर ने रिपोर्ट दी है कि उसका पिता रात को खेत की रखवाली करने गए थे। खेत में घुसे आवारा मवेशियों को भगाने दौरान मवेशियों द्वारा कुचल दिए जाने से मौत हो गई। इधर शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. एलपी नागर ने बताया कि मृतक के हाथ व पैर में खरोंचनुमा निशान मिले है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा लिया है। विसरा की जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा।
गौरतलब है कि आवारा मवेशी रात को झुंड के रूप में खेतों में घुस जाते हैं और फसलें चट कर जाते हैं। फसलों की रखवाली के लिए इन दिनों किसानों ने खेतों में ही डेरा डाले हुए हैं। आवारा मवेशी और जंगली जानवरों से उपज व खुद को बचाने के लिए वे ऊंचे पेड़ों पर मचान बनाकर रखवाली कर रहे हैं। इसके अलावा धुंआ व पटाखे छोड़कर मवेशियों को खेत से भगाते हैं। इस दौरान मवेशी किसानों पर हमला कर देते हैं। पूर्व में कोटा जिले में भी मवेशियों के हमले से किसान घायल हो चुके हैं।