
कोटा. यूट्यूब पर पेपर लीक से संबंधित भ्रामक एवं आधारहीन वीडियोस की उपलब्धता को देखते हुए सीबीएसई की ऑफिशल वेबसाइट पर सार्वजनिक हित में 6 मार्च 2019 को एक ऑफिशियल नोट जारी किया गया था। करियर प्वाइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि बारहवीं बोर्ड से संबंधित कुछ विषयों जैसे अकाउंटेंसी,केमिस्ट्री एवं ज्योग्राफी के तथा दसवीं बोर्ड से संबंधित गणित एवं विज्ञान विषय के पेपर लीक होने से संबंधित कुछ वीडियोस यूट्यूब पर उपलब्ध है।जांच करने पर यह सभी वीडियो पूर्णतया गलत एवम निराधार पाए गए। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मध्य भ्रामकता उत्पन्न करना ही इनका मूल उद्देश्य था।
देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने यूट्यूब पर उपलब्ध इस भ्रामक जानकारी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत पहली एफ आई आर 6 मार्च 2019 को दर्ज कराई तत्पश्चात संवेदनशील मामला होने के कारण त्वरित कार्यवाही के लिए 7 मार्च 2019 एक और एफ आई आर दर्ज करा दी गई। 8 मार्च 2019 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सीनियर पब्लिक रिलेशन ऑफिसर रमा शर्मा ने एक ऑफिशियल नोट जारी कर भ्रामक खबरों एवं अफवाहों से निबटने के लिए बोर्ड के प्रयासों की जानकारी दी। देव शर्मा ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध इस तरह की दिग्भ्रमित करने वाली सामग्री से ना तो खुद प्रभावित हों और ना ही इन्हें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर प्रसारित होने में सहयोग दें।
प्रश्न पत्रों की विसंगतियों को दूर करने हेतु सीबीएसई की विशेष प्रक्रिया
भारत सहित कुल 26 देशों के 5000 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होती है सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं सीबीएसई की ऑफिशल वेबसाइट पर 3 मार्च 2019 को जारी किए गए एक विशेष नोट मैं प्रश्न पत्रों की विसंगतियों को दूर करने के लिए बोर्ड की कार्यप्रणाली को बताया गया है। देव शर्मा ने बताया कि प्रश्न पत्र समाप्त होने की 24 घंटे के अंदर सभी स्कूलों से प्रश्न पत्र के बारे में टिप्पणियां प्राप्त की जाती है। अन्य स्रोतों द्वारा प्राप्त टिप्पणियों को भी संकलित किया जाता है। अंततः यह सभी टिप्पणियां विषय विशेषज्ञों को प्रेषित कर दी जाती है।
और यदि कोई विसंगति पाई जाती है तो विषय विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर छात्र हित में निर्णय लिया जाता है। क्योंकि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं भारत सहित 26 देशों के 5000 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाती है अतः विसंगतियों से संबंधित सूचनाओं के संकलन एवं विश्लेषण में थोड़ा समय लगता है। किंतु बोर्ड किसी भी स्थिति में छात्रों को शैक्षणिक नुकसान नहीं होने देता