
Kota. Government school running in a tin shed in Kishorepura Jethiyon Arena.
ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से शहर सहित जिलेभर के सभी स्कूल पुनः खुल जाएंगे। लंबे अवकाश के बाद स्कूल परिसरों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौटेगी। विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शिक्षकों ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली हैं।
स्कूलों में साफ-सफाई, कक्षाओं की व्यवस्था, टाइम टेबल निर्धारण, पाठ्यक्रम की योजना तथा प्रवेश संबंधी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया गया है। कई विद्यालयों में पहले दिन विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों का मनोबल बढ़ाया जा सके।
दरअसल, इस बार गर्मी की छुट्टियां 17 मई से शुरू हुई थी। सामान्य परिस्थितियों में स्कूल 21 जून को खुलने थे, लेकिन शिक्षक संगठनों की ओर से अवकाश बढ़ाने की मांग और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर स्कूलों को 29 जून से पुनः खोलने के निर्देश दिए। लंबे अवकाश के बाद विद्यार्थियों में भी स्कूल लौटने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई की नियमित दिनचर्या शुरू होने से राहत महसूस कर रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि शुरुआती दिनों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रिवीजन, गतिविधि आधारित शिक्षण और प्रेरणात्मक कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूल प्रशासन का मानना है कि अवकाश के बाद पहले कुछ दिन बच्चों को शैक्षणिक माहौल में ढालने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके बाद नियमित रूप से पाठ्यक्रम की गति बढ़ाई जाएगी ताकि वार्षिक परीक्षा की तैयारी समय पर पूरी हो सके।
प्रवेश उत्सव का दूसरा चरण चलेगा
स्कूलों के खुलने के साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दूसरे प्रवेशोत्सव की भी शुरुआत हो जाएगी। इसके तहत नए विद्यार्थियों के नामांकन, प्रवेश प्रक्रिया और स्कूलों में नामांकन बढ़ाने को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और स्कूल छोड़ने की दर को कम करना है।
इनका यह कहना
सभी स्कूल सोमवार से खुल जाएंगे। स्कूलों में साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं के लिए सभी अधिकारियों व प्रिंसिपल को निर्देश जारी कर दिए हैं। मानसून आने वाला है, ऐसे में जर्जर व अन्य भवनों में बच्चों को नहीं बिठाने के लिए पाबंद किया गया है। साथ ही, दूसरे चरण का प्रवेशोत्सव भी चलेगा। ऐसे में शिक्षकों को नामांकन से छूटे हुए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल की जाएगी।
- आशा मंडावत, संयुक्त निदेशक, कोटा संभाग
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Updated on:
28 Jun 2026 07:41 pm
Published on:
28 Jun 2026 07:41 pm
