कोटा

कोराना महामारी के संकट के बीच चैत्र नवरात्र शुरू,कोरोना को हराने भक्तों ने घर पर ही की देवी मां की अराधना

Corona effect लॉकडाउन के चलते घर में ही रहकर पूजा कर हैं।
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Updated: 25 Mar 2020, 1:37 PM IST
कोराना महामारी के संकट के बीच चैत्र नवरात्र शुरू,लॉकडाउन के चलते घर में ही पूजा
कोराना महामारी के संकट के बीच चैत्र नवरात्र शुरू,लॉकडाउन के चलते घर में ही पूजा

कोटा . बुधवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही नौ दिनों तक देवी मां के अलग-अलग स्‍वरूपों की पूजा की जाएगी । पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। भक्तों ने पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्‍प लिया । पहले दिन घर घर कलश स्‍थापना और अखंड ज्‍योति जलाई गई । अष्‍टमी या नवमी के दिन कुंवारी कन्‍याओं को भोजन कराया जाता है। चैत्र नवरात्र के आखिरी दिन यानी कि नवमी को 'राम नवमी' कहते हैं। नवरात्रि में मंदिरों में में मां के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रहती थी। लेकिन इस बार कोरोना को देखते हुए मंदिर बंद हैं। ऐसे में लोग आज लॉकडाउन के चलते घर में ही रहकर पूजा कर हैं।

मां शैलपुत्री की अराधना


नवरात्र पूजन के प्रथम दिन कलश पूजा के साथ ही मां दुर्गा के पहले स्वरूप 'शैलपुत्री जी' का पूजन किया जाता है। इनका पूजन करने से मूलाधार चक्र जागृत होता है और यहां से योगसाधना आरम्भ होती है। वैसे तो मां दुर्गा की अराधना के सभी दिन शुभ माने गये हैं। जिसमें किसी भी तरह का शुभ कार्य बिना सोच विचार के आरंभ किया जा सकता है। लेकिन इस बार नवरात्र में 4 सर्वार्थ सिद्धि योग, 5 रवि योग और 1 द्विपुष्कर योग बनने से इन दिनों का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।


पूजा फल
मां शैलपुत्री देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं जो सहज भाव से पूजन करने से शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। मन विचलित रहता हो और आत्मबल में कमी हो तो शैलपुत्री की आराधना करने से लाभ मिलता है।

कोटा के प्रसिद्ध माँ दुर्गा के मंदिरो में कोरोना संक्रमण को देखते हए पूरी एहतियात बरती गई ।लोगो ने घर घर घट स्थापना कर पूजा की सड़को पर पुलिस की निगरानी रही।

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25 Mar 2020, 1:37 PM IST
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