केंद्र में सरकार बदलने का असर कश्मीर तक दिखाई दे रहा है। सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने खुलासा किया कि ये सरकार कहती है कि एक के बदले दो मारो।
कोटा आए कीर्ति चक्र विजेता सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने देश के बदले हुए राजनीतिक हालात पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पहली केंद्र सरकारें सेना से पूछती थी क्यों मारा, लेकिन अब माहौल बदल गया है। वर्तमान केन्द्र पॉजिटिव सोच रखती है। पहली बार खुलकर काम करने का मौका मिल रहा है। हमें आदेश मिले हुए हैं कि 'वह एक मारे तो तुम दो मारो।'
शहीदों के घर में झांके, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले
सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों से सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता खासे नाराज नजर आए। राजस्थान पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में चेतन चीता ने कहा कि जो लोग सर्जिकल स्ट्राइक का जवाब मांग रहे हैं, वे पहले शहीदों के घर जाकर देखें। आपका बेटा आतंकवादी की गोली का शिकार होता तो क्या तब भी यही सवाल करते? जो लोग देश की आजादी और आवाम की सुख शांति के लिए खतरा बन रहे हों उनके साथ ऐसा ही सलूक किया जाना चाहिए। पिछली सरकार आतंकियों या पत्थरबाजों को मारने पर पूछते थी कि 'तुमने उन्हें गोली क्यों मारी।' अब हालात बदल गए हैं, इसलिए लोगों को अपनी सोच भी बदलनी होगी।
कश्मीर : अवाम न नेता हमारे साथ
सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने कश्मीर की समस्या पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कश्मीर की अवाम हमारे साथ नहीं है और न वहां के नेता हमारा साथ देते हैं। जिन लोगों पर विश्वास करते हैं पता लगता है कि वही आतंकियों को शरण देते हैं। कश्मीर समस्या का समाधान कभी भी आर्मी नहीं हो सकती, केवल पॉलिटिशियंस ही इसका समाधान निकाल सकते हैं।
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