
रिटायर्ड फौजी की हत्या
Retired Soldier Manoj Sharma Murder: सरहद पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला एक फौजी जब घर लौटा, तो उसने कभी नहीं सोचा होगा कि जिस आंगन को उसने अपनी खुशियों से सींचा है, वही उसकी कब्रगाह बन जाएगा। कोटा के आवली इलाके में हुई रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा की हत्या ने पुलिस को भी झकझोर कर रख दिया है। यह कहानी सिर्फ एक कत्ल की नहीं, बल्कि चार साल के अवैध संबंध, धोखे और चंद मिनटों में खौफनाक अंजाम तक पहुंचने वाली नफरत की है।
मृतक मनोज शर्मा का परिवार सालों तक कोटा के खेड़ली फाटक इलाके में रहा था। यहीं उनकी मुलाकात देवेश से हुई थी। देवेश, जो पेशे से एक मजदूर था और मॉल में लोडिंग-अनलोडिंग का काम करता था, वह मनोज का परिचित बन गया। धीरे-धीरे देवेश का मनोज के घर आना-जाना शुरू हुआ। किसी को भनक तक नहीं थी कि दोस्ती का यह मुखौटा कब एक अवैध संबंध में बदल गया। मनोज की पत्नी दीपिका और देवेश के बीच करीब चार साल से अफेयर चल रहा था।
करीब 5 साल पहले मनोज अपने परिवार के साथ आवली शिफ्ट हो गए थे। चार-पांच महीने पहले जब मनोज को अजमेर में नौकरी मिली, तो घर पर दीपिका अकेली रहने लगी। इसी दूरी का फायदा प्रेमी जोड़े ने उठाया। हालांकि, मनोज को अपनी पत्नी और देवेश की नजदीकियों पर शक होने लगा था, लेकिन उनके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं था। इसी बात को लेकर अक्सर घर में झगड़े होने लगे थे।
घटना वाली रात, मनोज और दीपिका के बीच फिर से विवाद हुआ। दीपिका ने तुरंत अपने प्रेमी देवेश को फोन कर बुलाया। देवेश अपने दोस्त विष्णु के साथ रात करीब 12 बजे मनोज के घर पहुंचा। वहां इन तीनों ने बैठकर शराब पी। जैसे-जैसे नशा चढ़ा, दबी हुई चिंगारियां शोला बन गईं।
देवेश ने मनोज को दीपिका के साथ मारपीट न करने की हिदायत दी, जिसे लेकर दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। नशे में धुत्त देवेश ने मनोज का गला दबा दिया, जबकि उसके दोस्त विष्णु ने मनोज के पैर जकड़ लिए। जब इतने से भी मनोज की सांसें नहीं थमीं, तो पत्नी दीपिका खुद साड़ी लेकर आई और अपने ही पति का गला घोंटने में प्रेमी की मदद की। चार साल के अफेयर का राज और चार मिनट की वो झड़प, एक जांबाज फौजी की मौत का सबब बन गई।
हत्या के बाद आरोपी देवेश और विष्णु वहां से निकल गए, लेकिन शातिर दिमाग देखिए—वे अगली सुबह फिर से मनोज के घर पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल होकर किसी को शक न होने दें। मगर पड़ोसियों की पैनी नजर और पुलिस की सख्ती को देखकर उनके पैर उखड़ गए। देवेश वहां से भागकर हिंडौन सिटी की ओर जा रहा था, लेकिन कोटा पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों—पत्नी दीपिका, प्रेमी देवेश और सहयोगी विष्णु को गिरफ्तार कर लिया है। "यह मामला ठंडे दिमाग से की गई प्लानिंग और तात्कालिक गुस्से का मिश्रण है। जिस पत्नी को पति की रक्षा करनी थी, उसी ने मौत का फंदा थमाया।"
एक रिटायर्ड फौजी की इस तरह हुई बेरहमी से हत्या ने पूरे कोटा को सन्न कर दिया है। आज दीपिका सलाखों के पीछे है, उसका प्रेमी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन पीछे छूट गए हैं वो बच्चे और वो बूढ़े माता-पिता, जिनका सहारा एक झटके में उजड़ गया। यह वारदात चीख-चीख कर कह रही है कि रिश्तों में आती दरार और संवाद की कमी कभी-कभी ऐसे खौफनाक अपराधों की पटकथा लिख देती है।
Published on:
05 May 2026 01:23 pm
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