
कोटा/मोड़कस्टेशन. दरा-कनवास मार्ग पर गत माह हुई ट्रैलर लूट की वारदात के मामले में दो पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 12 मई को पीली बत्ती लगे वाहन में अजहरुद्दीन मेव उर्फ सौम्य शर्मा सहित पांच आरोपी फर्जी परिवहन अधिकारी बनकर आए और चालक को बंधक बनाकर ट्रैलर लूट ले गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ट्रैलर खड़ा करने के लिए जगह दिलवाने और कबाड़ बिकवाने में जगपुरा चौकी के दो पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद की थी। मोड़क थानाधिकारी डॉ रविश सामरिया ने बताया कि इस मामले में कांस्टेबल राजबाबू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि हैडकांस्टेबल भुल्लीराम फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
कांस्टेबल ने 10 हजार में दिलवाया बाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि लूट के मुख्य आरोपी अजहरूद्दीन ने कांस्टेबल राजबाबू से मिलकर फाइनेंस की गाडि़यां काटने व कुछ वाहन चोरी के होने की बात कही। राजबाबू ने हैड कांस्टेबल भुल्लीराम से मिलकर आलनिया में राजू गुर्जर व प्रेम गुर्जर का बाड़ा खुद की गारंटी पर 10 हजार रुपए में दिलवाया। जहां आरोपियों ने गैस कटर की मदद से ट्रैलर कटवाया।
जगपुरा चौकी में रखवाया कबाड़ा
दोनों पुलिसकर्मियों के कहने पर आरोपी ने ट्रैलर का कबाड़ा एक ट्रक में भरकर जगपुरा चौकी में कुछ दिनों तक खड़ा कर दिया। माल का खरीदार नहीं मिलने पर भुल्लीराम ने अनंतपुरा थाने के हिस्ट्रीशीटर विनोद मीणा को चौकी में बुलवाकर कबाड़ा बिकवाने को कहा। इस पर उसने यश जैन को यह कबाड़ा बिकवा दिया। लुट के मामले में अजहरूद्दीन, पवन राणा, विनोद मीणा, महावीर जाट व गोलू की गिरफ्तारी हो चुकी है।