
कोटा. मनमर्जी व अनियमितताएं कर बीज निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले लेबर सप्लाई ठेकेदार को हाल ही बीज निगम ने ब्लैक लिस्ट किया है। इसके आदेश राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन जयपुर मुख्यालय के प्रबंध निदेशक अनुप्रेरणासिंह कुंतल ने जारी किए। उन्होंने ठेकेदार द्वारा किए गए घोटालों को सही माना और वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रदेश में संचालित बीज निगम के सभी प्लांटों में लेबर सप्लाई के लिए फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इसके आदेश सभी बीज निगम कार्यालय के क्षेत्र प्रबंधकों को भी जारी किए हैं। इधर, बीज निगम ने ठेकेदार के खिलाफ अनियमितताओं के सबूत ढूंढऩे, स्पष्टीकरण मांगने व कागजी कार्रवाई पूरी करने में ही सालभर निकाल दिया।
संवेदक ने की थी ये अनियमितताएं
बीज निगम ने कोटा के बजरंग नगर स्थित बीज विधायन प्लांट में लेबर सप्लाई के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 के लिए मिश्रा एंटर प्राइजेज फर्म को टेंडर दिया था। टेंडर जारी करते समय विभागीय नियमों की पालना करवाने लिए संवेदक को पूर्ण रूप से पाबंद किया था। इसके बावजूद भी संवेदक ने नियमों के वितरीत बीज विधायन केंद्र में कार्य किया गया। केंद्र में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश कराकर अंडर साइज बीज के नमूने दिखवाए। दलालों, सुरक्षाकर्मियों से मिलीभगत कर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। लेबर की कभी मॉनीटरिंग नहीं की। लगाए गए श्रमिकों की पहचान सम्बंधी डिटेल मांगी तो उपलब्ध नहीं कराई।
दो साल तक प्लांट में लगाए गए श्रमिकों का करीब 14 लाख का पीएफ भविष्य निधि कार्यालय में जमा नहीं कराया। विभाग में फर्जी श्रमिकों के पीएफ जमा कराने की सूची उपलब्ध कराई गई।