यह वैक्सीन दो बार लगनी है। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पहली बार टीकाकरण के बाद व्यक्ति दूसरी बार अवश्य टीका लगाने आए।
जयपुर/कोटा. राज्य में कोरोना से प्रतिरक्षा के लिए आने वाली वैक्सीन के उचित प्रबंधन और स्टोरेज व्यवस्था में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कोरोना प्रतिरक्षा वैक्सीन में फ्रंटलाइन वॉरियर्स को प्राथमिकता मिलेगी।
वैक्सीन वितरण के लिए समय से पहले ही माइक्रो प्लान तैयार किया जाकर प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बुधवार को राज्य में कोविड-19 से प्रतिरक्षा के लिए आने वाली वैक्सीन के प्रबंधन के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षाओं के लिए स्टेट स्टीयरिंग कमेटी (टीकाकरण) की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव आर्य ने कोविड-19 के टीकाकरण के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहली प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण के लिए फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स को भी प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्य सचिव ने कोविड-19 टीकाकरण की व्यापक ट्रेकिंग करने की चर्चा करते हुए कहा कि क्योंकि यह वैक्सीन दो बार लगनी है। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पहली बार टीकाकरण के बाद व्यक्ति दूसरी बार अवश्य टीका लगाने आए। उन्होंने राज्य में कोल्ड चौन सिस्टम और हैल्थ केयर वर्कस के डेटा कलेक्शन की विस्तार से जानकारी लेते हुए कहा कि डेटाबेस के लिए सॉफ्टवेयर आधारित प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। जिसमें सभी राजकीय एवं निजी चिकित्सकीय संस्थानों के हैल्थ वर्कर्स एवं अन्य संवर्ग का भी डाटा बेस तैयार किया जाएगा।