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कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा कोटा ? इलाज तो दूर जांच के इंतजाम तक नहीं

Corona virus एक ऐसा वायरस जिसकी जानकारी अब तक विज्ञान में थी ही नहीं, वो चीन में तो कहर ढा रहा है अब ये वायरस दुनिया के कई दूसरे देशों तक भी पहुंच गया है
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Mar 05, 2020
कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा कोटा ? इलाज तो दूर जांच के इंतजाम तक नहीं
कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा कोटा ? इलाज तो दूर जांच के इंतजाम तक नहीं

कोटा. कोटा में यदि कोरोना वायरस की दस्तक हुई और मरीज पॉजीटिव आया तो रोना ही पड़ेगा। क्योंकि कोटा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में इलाज तो दूर जांच के इंतजाम की सुविधा तक नहीं है। प्रदेश में कोरोना वायरस के सक्रिय होने से भले ही सरकार गंभीर हो, लेकिन कोटा के अधिकारियों की ओर से अस्पतालों में इंतजाम नाकाफी है।

राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने जब कोरोना वायरस के इंतजामों की पड़ताल की तो कई खामियां सामने आई। एमबीएस अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में ही कोरोना का आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। जबकि यहां स्क्रीनिंग की सुविधा तक नहीं है। मरीज के पॉजीटिव आने पर आइसोलेशन वार्ड में मात्र 2 बेड रिजर्व है। अस्पताल की सेन्ट्रल लैब में कोरोना वायरस जांच की सुविधा नहीं है। नमूनों की जांच के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर या पुणे लैब पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।

पॉजीटिव मरीज पाए जाने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर 28 दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के अलावा कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पतालों में कोरोना वायरस की दवा तक नहीं है। कोटा में अभी तक 2 संदिग्ध रोगी चिह्नित किया है। उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बोरखेड़ा क्षेत्र निवासी एक मेडिकल छात्र चीन से आया था। उसे 28 दिन चिकित्सा विभाग ने मॉनिटरिंग पर ले रखा है।

बाजारों से मास्क भी हो रहे गायब
दवा के थोक व्यापारी सुनील आडवानी ने बताया कि कोराना वायरस को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। 3 रुपए में मिलने वाला लोकल मास्क 20 रुपए में मिल रहा है। 15 रुपए का ब्लैक मास्क 30 रुपए तक मिल रहा है। कई दवा दुकानों से मास्क खत्म हो गए हैं।

Published on:
05 Mar 2020 06:00 am