कोटा

हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा : दहाड़ते हुए बोले चीता- देश की रक्षा मेरा कर्तव्य, जिन्दगी भर करूंगा

'रियल हीरो' सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने कहा कि जिंदगी भर देश की रक्षा करेंगे। शरीर साथ दे या न दे फिर भी हार नहीं मानेंगे।

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Dec 02, 2017
CRPF Commandant Chetan Cheetah said my duty to protect the country

पहले कश्मीर में घुसे दुर्दांत आतंकियों को और फिर गोलियों से छलनी होने के बाद मौत को मात देकर पहली बार कोटा आए 'रीयल हीरो' सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की कविताओं के जरिए राष्ट्र के प्रति अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि शरीर भले ही साथ छोड़ दे, लेकिन हार नहीं मानेंगे और देश के दुश्मनों से नई रार ठानने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अपने घर कोटा आए चेतन चीता यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना उनका कर्तव्य है और इस काम में अपनी पूरी जिंदगी लगा देंगे।

सरहद और जिंदगी की जंग जीतने के बाद पहली बार कोटा आए सीआरपीएफ के जांबाज कमांडेंट चेतन चीता का हवाई अड्डे पर परिजनों व शहर के गणमान्य लोगों ने जोरदार स्वागत किया। ढोल के साथ भारत माता और चेतन चीता की जय-जयकार गूंजती रही। स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान लोगों से बातचीत करते हुए चेतन चीता ने कहा कि सीमा पर रहकर देश की रक्षा करना उनका कर्म ही नहीं कर्तव्य भी है। जिसका पालन पूरी जिंदगी करते रहेंगे।

देश के लाल का माटी से तिलक

घर पहुंचने से पहले कमाण्डेट चीता शहीद स्मारक पहुंचे। यहां बीएसएफ के स्थापना दिवस पर शहीदों को पुष्पाजंलि अर्पित की, राष्ट्रगान गाया। यहां हाड़ौती नव निर्माण परिषद ने शहीद स्मारक पर स्वागत कार्यक्रम रखा था। यहां चीता के पहुंचते ही जयकारे लगे। यूआईटी चेयरमैन रामकुमार मेहता, परिषद के संरक्षक मण्डल सदस्य गिरिराज गौतम ने मिट्टी से उनका तिलक किया। राष्ट्रीय नवनिर्माण संस्थान के संयोजक हिम्मत सिंह हाड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चीता का उनके आवास पर तिरंगा भेंटकर अभिनंदन किया।

आतिशबाजी, पुष्पवर्षा, आरती

जांबाज चीता के घर व मोहल्ले में दिवाली जैसा माहौल दिखा। पूरे मोहल्ले को गुब्बारों से सजाया गया। उनकी एक झलक पाने के लिए पूरा मोहल्ला उमड़ पड़ा। शहर में विभिन्न आयोजनों में शिरकत के बाद जैसे ही चीता ने शाम को मोहल्ले में कदम रखा, पुष्पवर्षा से अभिनन्दन हुआ, आतिशबाजी की गई। घर पर माता-पिता ने आरती उतारी। एक साल बाद घर पहुंचे बेटे की झलक पाते ही माता-पिता के आंसू छलक पड़े।

भतीजी को दुलारा, कोटा को कहा थैंक्स

घर पहुंचते ही चीता ने सबसे पहले घर आई नन्ही मेहमान भतीजी को देखा और उसे दुलारा। उसके बाद दोस्तों, परिवारजन व मोहल्ले वासियों से मिले। उन्होंने फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया। कोटा आने पर स्वागत से अभिभूत चेतन चीता ने कहा कि कोटा में हुआ अभिवादन दिल छू गया अभिनन्दन। मैं समस्त कोटा वासियों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरे लिए दुआएं की। शहीद स्मारक पर मेरा स्वागत दिल को छू लेने वाला है। कोटा घर आकर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है।

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1001 यूनिट रक्तदान से सलामी

जांबाज कमाण्डेट चीता को स्टेशन क्षेत्र में 1001 यूनिट रक्दान कर भावपूर्ण सलामी दी गई। भीमगंजमंडी में सांसद ओम बिरला की पहल पर भाजपा युवा नेता लव शर्मा के नेतृत्व में हुए शिविर में गजब उत्साह देखा गया। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ रक्तदान का सिलसिला शाम तक चला। शाम को चीता रक्तदाताओं के उत्साहवर्धन के लिए पहुंचे। चीता के गाड़ी से उतरते ही आतिशबाजी, ढोल-नगाड़े व पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने चीता को तलवार भेंट की। उसके बाद उन्होंने तलवार से 11 पौंड का केक काटा।

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Published on:
02 Dec 2017 02:23 pm
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