कोटा. लुहावद/अयाना. कस्बे से अयाना गांव को जोडऩे वाली सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 10 साल पहले निर्मित पुलिया सोमवार दोपहर 3 बजे अचानक भरभरा कर ढह गई। इस दौरान पुलिया पर कोई वाहन नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
कोटा. लुहावद/अयाना. कस्बे से अयाना गांव को जोडऩे वाली सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 10 साल पहले निर्मित पुलिया सोमवार दोपहर 3 बजे अचानक भरभरा कर ढह गई। इस दौरान पुलिया पर कोई वाहन नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर में लुहावद कस्बे में चल रहे निर्माण कार्य के लिए पुलिया से एक डम्पर ईंट भरकर लाया था। जैसे ही डम्पर पुलिया से गुजरा बीच का पिल्लर क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। सरपंच संजीदा रफीक पठान ने सार्वजनिक निर्माण के अधिशासी अभियंता मुकेश मीणा को तत्काल मोबाइल पर सूचना दी। उसके बाद अधिशासी अभियंता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सरपंच ने बताया कि इसका निर्माण कार्य 2011 में रोड के साथ-साथ ठेकेदार ने किया था। निर्माण के बाद ही आ गई थी दरारेंपुलिया निर्माण होने के कुछ समय बाद ही इसमें कई जगह दरारें आ गई थी। जगह-जगह से पत्थर दरक गए थे। इसकी सूचना समय-समय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग को दी गई। मगर इस ओर कोई ध्यान नहीं देने से सोमवार को अचानक भरभरा कर पुलिया ढह गई। जिससे गांव में आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।
पत्रिका ने कई बार करवाया था अवगत
गौरतलब है कि यहां 10 वर्ष पहले गोयल कंटेस्टेंट कम्पनी ने पुलिया का निर्माण करवाया था। जिसमें घटिया सामग्री उपयोग ली गई थी। यहां अभी दौलतपुरा से दुर्जनपुरा तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते पुलिया से भारी भरकम ट्रोले गिट्टी व अन्य सामग्री लेकर गुजरते हैं। लेकिन आखिरकार घटिया सामग्री से बनी पुलिया सोमवार को भरभरा कर ढह गई। अब पुलिया ढहने से एक दर्जन गांवों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है।