
कोटा. संभाग में बाढ़ से हालात भयावह है। लोग सहमे हुए है। बारिश ने बारां जिले में कहर मचाया है। यहां कुदरत का कहर ऐसा बरपा की दो मासूमो की जिंदगियां लील गया। जिले में आधा दर्जन मकान धराशायी हो गए। दर्जनों कच्चे मकान भरभरा कर ढह गए।
अटरू उपखंड के कंवरपुरा गांव में एक मकान ढहने से पिंकी (10) पुत्री मोरध्वज व लक्ष्मी (16) की बारां चिकित्सालय में उपचार दौरान मौत हो गई। इस हादसे में मंजू (40), सम्पतराज (45) उसकी पुत्री नीतू (15) व पुत्र अनिल (18) तथा अनिल (17) पुत्र सुन्दरलाल घायल हो गए।
इनका उपचार जारी है। चिकित्सकों ने सभी घायल की हालत ठीक बताई है। बारिश का सर्वाधिक असर शाहाबाद उपखंड में रहा, यहां दर्जनों गांव अब भी टापू बने हुए है। जिले का कोटा व झालावाड़ को छोड़ अन्य सभी मार्गों से सम्पर्क कटा हुआ है।
बारां के स्टेशन और बाजार दरिया बन गई। लगातार बारिश से हालत बेकाबू हो गए जिले में तेज बरसात के कारण बाढ़ से हालात भयावह है लोग सहमे हुए है। बारां शहर की नाकोड़ा कॉलोनी, राजीव नगर, कृष्णा कॉलोनी, जनता सिनेमा के निकट की तीन कॉलोनियों में अभी एक से डेढ़ फीट जलभराव है।
जिले में बारिश दौर शुक्रवार रात पौने दस बजे शुरू हुआ, जो सुबह साढ़े नौ बजे तक जारी रहा। जिससे जिले के सभी नदी, नाले उफान पर आ गए। हादसों के बाद प्रसाशन अलर्ट हुआ जिला कलक्टर ने बैठकों के जरियो अधिकारियो को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। सैकड़ों गांवों को उपखंड मुख्यालयों व जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया। दर्जनों कच्चे मकान भरभरा कर ढह गए।