कोटा

#sehatsudharosarkar: यहां मिलती है बिना तारीख की पर्ची, विरोध करने पर हो जाती है हड़ताल

कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में अराजकताएं चरम पर हैं। हॉस्पिटल स्टॉफ मरीजों की अपाइंटमेंट पर्चियों पर तारीख तक नहीं डालता।
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Updated: 17 Sep 2017, 11:22 AM IST
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Date not inscribe on appointment slip in JK Lone Hospital

सरकार और आला अफसरों ने ऐसी आंखें मूंदी हैं कि कोटा के हॉस्पिटलों की अराजकता सारी सीमाएं लांघ गई है। स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के समय से सेंपल नहीं लिए जाते। सेंपल ले भी लिए जाएं तो जांच ढ़ंग से नहीं होती। या तो रिपोर्ट गलत आती है और जब सही आती है तब तक मरीज की मौत हो चुकी होती है। सीएमएचओ और सरकारी हॉस्पिटलों के पास गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की सही संख्या तक मौजूद नहीं है। आखिर हो भी तो कैसे, हॉस्पिटल स्टॉफ मरीजों को देने वाली अपाइंटमेंट पर्चियों पर तारीखें जो नहीं डालता। जेके लोन हॉस्पिटल में जब ऐसा मामला पकड़ में आया तो पर्चियां बना रहा स्टॉफ दबाव बनाने के हड़ताल पर चला गया, ताकि उनकी पोल ना खुले।

पोल खुली तो कर डाली हड़ताल

जेके लोन हॉस्पिटल में सुबह एक महिला की काउंटर पर पर्ची बनाई गई, लेकिन उसमें तारीख नहीं दी। महिला ने इसका विरोध किया। इसी दौरान लैब टैक्नीशियन संघ के आनंद सोनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्ची काउंटर पर कर्मी कार्य में अनियमितताएं बरत रहे हैं। पर्चियों पर तारीख नहीं डालने के अब तक 10 मामले सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं जेएसएसवाय के तहत आने वाली महिलाओं से भी शुल्क लिया जा रहा है। इस पर पर्ची बना रहे कर्मचारी भड़क गए और गलत आरोप लगाने की बात कहते हुए हंगामा कर काम बंद कर दिया।

हॉस्पिटल अधीक्षक को देना पड़ा दखल

पोल खुलने से भड़के कर्मचारी किसी भी सूरत में काम करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आर.के. गुलाटी से मामले की शिकायत भी की। वहीं सोनी ने भी अपने आरोपों से पीछे नहीं हटे और पर्ची काउंटर पर काम करने वाले कर्मियों की शिकायत तक दर्ज कराई। बाद में डॉ. गुलाटी ने कर्मियों से समझाइश कर उन्हें काम पर लौटने को कहा। जिसके करीब आधे घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौटे।

स्वाइन फ्लू से युवक की मौत

वहीं दूसरी ओर कोटा में स्वाइन फ्लू से एक युवक की मौत हो गई। इस सीजन में अब तक स्वाइन फ्लू से 20 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। मृतक बारां जिले के कवाई का निवासी है। वह न्यू मेडिकल कॉलेज में 11 सितम्बर को भर्ती हुआ था। इसका 11 को ही स्वाब लिया था। 14 सितम्बर को इसकी पॉजीटिव रिपोर्ट आई। शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई। उधर, चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार स्वाइन फ्लू के कोटा में पांच पॉजीटिव रोगी सामने आएं। डेंगू के कोटा में 26, बारां के 4 रोगी पॉजीटिव आए हैं।

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