सेना के जवान की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने सैन्य अफसरों पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
कोटा के अति संवदेनशील सैन्य इलाके में रविवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में इंसास रायफल की गोली लगने से मारे गए जवान अतुल पाण्डेय की मौत के मामला गंभीर होने लगा है। मंगलवार को कोटा पहुंचे अतुल के परिजनों ने सेना के अफसरों पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं मृतक जवान अतुल के परिजनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की है।
जिस बेटे के सेना में भर्ती होने पर घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं था वहीं अब बेटे की अकाल मौत पर मातम मना रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि सेना में उसे इतना अधिक परेशान किया गया कि वह नौकरी ही नहीं करना चाहता था। उन्होंने मौत की सीबीआई व न्यायिक जांच की मांग की है। घरवालों की हालत तो उस समय खराब हो गई जब बेटे के जन्मदिन वाले ही दिन उसका शव घर पहुंचा।
ड्यूटी के दौरान लगी थी गोली
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला स्थित कुड़ई गांव निवासी 20 वर्षीय अतुल कुमार पांडेय ने रविवार रात करीब 2 बजे ड्यूटी के दौरान अपनी सर्विस रायफल से गले में गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। जिससे उसके सिर का हिस्सा बिखर गया था। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया था। मंगलवार सुबह मृतक का बड़ा भाई विपुल कुमार पांडेय, ताऊ का लड़का अरुण कुमार पांडेय व सत्य प्रकाश पांडेय समेत अन्य परिजन कोटा पहुंचे। यहां जैसे ही उन्होंने घटना स्थल और अपने भाई का शव देखा तो वे बिलख पड़े। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। विपुल की हालत तो यह थी कि वह सही ढंग से बोल तक भी नहीं पा रहा था।
अफसर कर रहे थे परेशान
अरुण कुमार पांडे ने बताया कि उसे सेना में भर्ती हुए एक साल और कोटा आए एक महीना ही हुआ था। उनका भाई खुदकुशी नहीं कर सकता। वह इतना कायर नहीं था। उन्होंने अतुल की मौत की सीबीआई व न्यायिक जांच की मांग की है। जिससे उसकी मौत का सही कारण पता चल सकेगा। अरुण के अनुसार अतुल की उसकी मां से तीन दिन पहले ही फोन पर बात हुई थी। उस समय उसने मां राधिका से कहा था कि उसे यहां इतना परेशान किया जा रहा है कि वह नौकरी ही नहीं करना चाहता। इस पर उसकी मां ने कहा था कि वह नौकरी नहीं करना चाहता तो कोई बात नहीं वह घर आ जाए। लेकिन अतुल ने बताया कि
वह छुट्टी लेकर घर आना चाह रहा है लेकिन उसे छुट्टी नहीं दी जा रही है। इसके बाद फिर कोई बात नहीं हुई। बस उसकी मौत की ही सूचना मिली। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां का बुरा हाल हो गया।
बचपन में ही चल बसे थे पिता
अरुण ने बताया कि अतुल 6 माह का था तभी बीमारी से उसके पिता की मौत हो गई थी। 3 अक्टूबर को ही उसका जन्म दिन है। उसने 20 साल की उम्र पूरी की है। उसकी मां ने ही बड़ी मुश्किल से दोनों बेटों को पढ़ा लिखाकर बड़ा किया हैह। अतुल का बड़ा थाई विपुल अभी पढ़ाई ही कर रहा है। उसका खर्च भी अतुल ही वहन कर रहा था।
होगी मामले की जांच
भीमगंजमंडी थाने के एएसआई गोविंद सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सवयं की रायफल से गोली मारने से खुदकुशी का लग रहा है। परिजनों ने फिलहाल किसी तरह की कोई रिपोर्ट नहीं दी है। पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वे उसे लेकर अपने गांव चले गए। इस पूरे मामले की जांच की जाएग़्ाी। इधर सेना के अधिकािरयोंसे जब अतुल की मौत के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने मीडिया से बात करने से ही इनकार कर दिया।