
जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह की फाइल फोटो: पत्रिका
Kota Underpass Collapse News Update: दिल्ली-मुम्बई मुख्य रेल लाइन की डाउन लाइन में ब्लॉक पुशिंग कार्य के दौरान गुरुवार रात हादसे में दो इंजीनियर्स की मौत के मामले में रेलवे की ओर से तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। जांच दल हादसे के सभी तथ्यों की बारीकी से जांच करेगा। इधर, दोनों मृतकों के परिजनों के पहुंचने पर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिए। रेलवे की ओर से दोनों इंजीनियर्स के परिजनों को तुुरंत सहायता के रूप में 35-35 हजार रुपए की राशि दी। 25-25 लाख रुपए मुआवजा देने और दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को अनुकम्पा नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
दुर्घटना में मारे गए जूनियर इंजीनियर भोपाल निवासी प्रभात सिंह की तीन माह पहले ही रेलवे में नौकरी लगी थी और फिलहाल ट्रेनिंग चल रही थी। वह परिवार में इकलौते पुत्र थे। उनकी दो बहनें हैं। परिजनों ने कहा कि नया होने के बावजूद प्रभात को जोखिम भरे प्रोजेक्ट में लगा दिया गया। इससे उनकी जान चली गई। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी प्रभात पर थी। पुलिस भी मामले की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद शुक्रवार को निर्माण स्थल पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। ब्लॉक पुशिंग का काम पूरी तरह बंद रहा। कोटा रेल मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) ललित कुमार धुंरधर शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे परख स्पेशल ट्रेन से रेलवे अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शाम को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विशेष ट्रेन से पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद मिट्टी धंसने वाले स्थान पर बारीक गिट्टी बिछाई गई। जहां ढीली मिट्टी के कारण हादसा हुआ था, ऐसे में अब मिट्टी के खिसकने की आशंका को कम करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा घेरा भी बढ़ाया गया है तथा कर्मचारियों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
रेलवे की ओर से हादसे की जांच के लिए सीनियर डीएसओ अजीत सिंह चौहान, सीनियर डीईएन साउथ एकता मीर्मोथ और सीनियर डीईई टीआरडी नीरज कुमार शर्मा का जांच दल गठित किया गया। जांच दल घटना की सुरक्षा, संरक्षा, ऑपरेटिंग, इलेक्टि्रकल समेत सभी नजरियों से बारीकी से जांच करेगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में मारे गए सेक्शन इंजीनियर संजय कुमार झा खुद साइट के सुरक्षा अधिकारी थे। उनकी मौत के बार नए सिरे से गठित टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दरा नाल में निर्माणाधीन अंडरपास में हुए दुखद हादसे में रेलवे के दो इंजीनियरों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है। रेलवे अधिकारियों को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं तथा निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कहा है।
रेल हादसे में दो इंजीनियरों की मौत के मामले में शुक्रवार को एआईआरएफ और डब्ल्यूसीआरईयू)ने विरोध प्रदर्शन कर डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। यूनियन महामंत्री मुकेश गालव समेत पदाधिकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने रेलवे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नियमित सुरक्षा ऑडिट व प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने और श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाने की मांग की।
Updated on:
30 May 2026, 12:50 PM IST
Published on:
30 May 2026, 12:49 PM IST
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