कोटा

अगर आप भी सिक्कों का लेन-देन न होने से परेशान है तो अपना सकते है यह आासान रास्ता…

ग्रामीण क्षेत्र में एक व दो रुपए के सिक्के दुकानदारों व ग्राहकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
2 min read
Feb 02, 2019
kota news
अगर आप भी सिक्कों के लेन-देन न होने से परेशान है तो अपना सकते है यह आासान रास्ता...

कोटा. अगर आप दुकानदारों के सिक्के न लेने से परेशान हैं तो आप इसे बैंक में जमा करा सकते हैं बैंक में कोई भी खाता धारक माह में सौ सिक्के जमा करवा सकता है। लेकिन सिक्के चाहे एक रुपए के हों या दो, पांच व दस रुपए के हों। माह में एक उपभोक्ता से एक सौ सिक्के से ज्यादा जमा नहीं कर सकते।यह कहना है बीआरकेजीबी शाखा प्रबंधक आरके गुप्ता का।


ग्रामीण क्षेत्र में एक व दो रुपए के सिक्के दुकानदारों व ग्राहकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इन सिक्कों को न दुकानदार लेने को तैयार हैं और न ग्राहक। शनिवार को कोटा जिले के कस्बे मोईकलां निवासी गोरधनलाल माली हाथ में आठ रुपए के सिक्के लेकर अगरबत्ती लेने के लिए सभी दुकानों पर घूमा लेकिन कोई भी दुकानदार सिक्के लेने को तैयार नहीं हुआ। ऐसी ही व्यथा बपावर के दुकानदारों ने भी बताई। यहां पर बताया कि ग्राहक आते हैं सिक्के थमाते हैं। लेने से मना करने पर भारतीय मुद्रा के अपमान की बात कहकर कार्रवाई की धमकी देते हैं। उन्हीं सिक्कों को यदि किसी ग्राहक को देते हैं तो कोई भी लेने को तैयार नहीं होता। पूर्व में सीएलजी बैठक में यह समस्या दुकानदार भी उठा चुके हैं। दुकानदार तो यहां तक कहते हैं कि बैंक वाले भी सिक्कों को खाते में जमा करने से मना करते हैं।

यह है नियम
प्रचलित रुपया हो सिक्का उसे लेने से कोई मना नही कर सकता। फिर भी यदि कोई सिक्के लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड सहिता में मामला दर्ज करने का प्रावधान है। सभी को एक-दूसरे का सहयोग कर सिक्के का आदान प्रदान करना ही होगा।

Published on:
02 Feb 2019 07:05 pm