
कोटा . शहर के बिजली व्यवस्था की कमान संभाल रही बिजली कम्पनी भले ही शहर के उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दावे कर रही हो। लेकिन रंगबाड़ी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए कम्पनी की बिजली व्यवस्था आफत बनी हुई है। रंगबाड़ी क्षेत्र के आधा दर्जन मकानों के सामने से विद्युत लाइन घर की दहलीज तक झूली हुई है। इससे मोहल्ले के रहवासियों को निकलने में भी परेशानी उठानी पड़ रही है। करीब पांच माह से उपभोक्ता परेशान है। कई बार बिजली कम्पनी के गोबरिया बावड़ी स्थित कार्यालय में शिकायत भी कर दी, लेकिन अभी तक कोई समाधान बिजली कम्पनी द्वारा नहीं किया गया।
घर के बाहर निकलने में लगता है डर
मोहल्ले की महिलाएं मोहिनी, रेणु खटीक, राजकरंता नागर आदि ने बताया कि बिजली के तार घर की दहलीज तक झूल रहे हैं। कई मकानों के दरवाजे के सामने तक बिजली के तार लटके हुए हैं। ऐसे घर से बाहर निकलते समय बड़ी सावधानी रखनी पड़ती है। छोटे बच्चों को तो घर के बाहर निकलने भी नहीं देते।
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
यहां बिजली के तार इस तरह झूले हुए है कि घर से निकलने में भी परेशानी आती है। रात में मोटरसाइकिल मकान में रखने के लिए भी तारों को डरते-डरते ऊंचा करना पड़ता है। वहीं प्लास्टिक कोटेड इन तारों में कई जगह कट भी लगे हुए हैं। जिन्हें छूने से करंट आने का खतरा भी रहता है। बिजली के तार ऊंचे कराने के बारे में कई बार वार्ड पार्षद को भी शिकायत की जा चुकी। बिजली कम्पनी के गोबरिया बावड़ी ऑफिस में भी शिकायत कर दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
तकनीशियन मांगे है सर्विस चार्ज
मोहल्ले के दयानंद मालव ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के कोने पर ही ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जहां रोजाना बिजली कम्पनी के तकनीशियन आते हैं। जिन्हें कई बार तार ठीक करने के लिए कहा जा चुका, लेकिन वे हर बार सर्विस चार्ज जमा कराने का हवाला देकर चले जाते हैं, जिन मोहल्ले वासियों ने तकनीशियनों को सर्विस चार्ज दिया, उनके घरों के सामने से तार ठीक हो गए। जिन्होंने नहीं दिया। उनके घर की दहलीज पर मौत के तार लटक रहे हैं। केईडीएल के बिलिंग हेड रविशंकर ने बताया कि मामला आज ही मेरे सामने आया है। जल्द मोहल्ले के लोगों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।