मुरादाबाद

video: कोटा थर्मल की सातवीं इकाई में बिजली उत्पादन शुरू

इकाइयों को बार-बार बंद व चालू करवाने की राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते बिजली उत्पादन के मामले में अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे कोटा थर्मल को मंगलवार को थोड़ी राहत मिली। कोटा थर्मल प्रशासन को 195 मेगावाट की सातवीं यूनिट में बिजली उत्पादन शुरू करने की अनुमति दे दी।
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Updated: 28 Mar 2017, 7:01 PM IST
Electricity generation starts in seventh unit of Kota thermal
Electricity generation starts in seventh unit of Kota thermal

इकाइयों को बार-बार बंद व चालू करवाने की राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते बिजली उत्पादन के मामले में अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे कोटा थर्मल को मंगलवार को थोड़ी राहत मिली।

राजस्थान पत्रिका में 'कोटा की साख पर इस साल लगेगा बट्टा' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद एलडी ने कोटा थर्मल प्रशासन को 195 मेगावाट की सातवीं यूनिट में बिजली उत्पादन शुरू करने की अनुमति दे दी। थर्मल प्रशासन ने सुबह 6.40 बजे ही इस इकाई को लाइट अप कर दिया। दोपहर बाद इसमें बिजली उत्पादन शुरू हो गया। अब कोटा थर्मल में 210 मेगावाट की चौथी इकाई, 195-195 मेगावाट की छठी व सातवीं इकाई में बिजली उत्पादन हो रहा है।

7550 मिलियन यूनिट तक पहुंचा उत्पादन

सूत्रों के अनुसार, 28 मार्च को सुबह तक कोटा थर्मल में बिजली उत्पादन 7550 मिलियन यूनिट पहुंच चुका है। वर्तमान में तीन यूनिट से 600 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। तीनों इकाइयां 24 घंटे में 60 मिलियन यूनिट बिजली पैदा कर रही है, एेसे में चार दिन में यह आंकड़ा 240 मिलियन यूनिट पहुंच जाएगा। यदि शेष बचे चार दिन में यह तीनों इकाइयां पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन करती रही तो चालू वित्तीय वर्ष में बिजली उत्पादन का आंकड़ा 7769 मिलियन यूनिट को पार कर 7800 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकता है। कोटा थर्मल का वर्ष 2014-15 में 7769 मिलियन यूनिट सबसे कम बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड है।

कोटा थर्मल की सात इकाइयों को स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर (एलडी) ने इस वर्ष में अब तक 35 बार बंद करवाया। इससे प्लांट को 2207.85 मिलियन यूनिट बिजली का नुकसान हुआ। साथ ही, 35 बार यूनिट्स को चालू करने में 7 करोड़ 70 लाख रुपए का ऑयल अतिरिक्त जलाना पड़ा। पिछले दो साल में इकाइयों को बिजली उत्पादन के लिए तैयार होने के बावजूद बंद करवा देने से अब तक 4230 मिलियन यूनिट बिजली का नुकसान हो चुका है।

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