कोटा

आजादी के 70 साल बाद पहली बार बिजली से रोशन हुआ कोटा का यह गांव

खेडा रुंड्या के ग्रामीण गांव में बिजली आने के बाद से खुश हैं। विद्युत निगम ने गांव में 11 विद्युत कनेक्शन कर मीटर लगाकर गांव को रोशन कर दिया।
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Oct 17, 2017
Electricity in kota village
विद्युत निगम ने गांव में 11 बिजली कनेक्शन कर मीटर लगवाए।

लुहावद (कोटा). आजादी के 70 वर्ष बाद आखिरकार रूड्या गांव भी बिजली से रोशन हो गया। गांव के करीब 15 घरों में से 11 घरों में दिवाली से पहली 'रोशनी' आ गई। गांव वैसे तो खेड़ा रूंड्या के नाम से जाना जाता है लेकिन खेड़ा में गत वर्ष ही विद्युत निगम ने बिजली पहुंचा दी थी। रूंड्या के ग्रामीणों का दर्द था कि उनके पड़ोस में उजाला है लेकिन उनके घरों में अंधेरा है। इस बार जब सरपंच के प्रयासों से गांव में बिजली पहुंच गई तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस बार ग्रामीण पहली बार बिजली की रोशनी में दीपावली मनाएंगे।

पार्वती नदी से सटे इस १५ घरों के गांव के बाशिन्दे बरसों से गांव में बिजली देने की मांग कर रहे थे। क्षेत्र के विधायक विद्याशंकर नन्दवाना के दौरे के दौरान भी ग्रामीणों ने बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। तब उन्होंने भी बिजली दिलवाने का भरोसा दिलाया। ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुरा की सरपंच सुनीता मीणा ने भी प्रशासन तक ग्रामीणों की मांग पहुंचाई। इसके बाद प्रशासन की ओर से पण्डित दीनदयाल विद्युत ढाणी योजना के तहत गांव में बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनी।

दो माह पूर्व लिए आवेदन

सरपंच के आग्रह पर विद्युत निगम ने लक्ष्मीपुरा में दो माह पहले शिविर लगाकर गांव में बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लिए। विद्युत निगम के सहायक अभियंता सन्दीप मालवीय ने बताया कि गांव में 11 विद्युत कनेक्शन के आवेदन लिए। इसके बाद योजना के तहत गांव में विद्युत खंभे लगाए गए। तार खींचे व मीटर लगा दिए गए। गांव में बिजली लाइन पास के खेड़ा से ले ली गई। 29 सितम्बर गांव में विद्युत चालू कर दी गई। इस साल यह पहला मौका है जब दीपावली पर गांव बिजली की रोशनी में जगमगाएगा।

Updated on:
17 Oct 2017 10:34 pm
Published on:
17 Oct 2017 10:29 pm