
कोटा. पुलिस और जेल प्रशासन के तमाम प्रयास व दावों के बीच अभी भी कोटा केन्द्रीय कारागार से चौथवसूली का अवैध खेल जारी है। इसका एक मामला सामने आया है। जेल में बंद अपराधियों ने एक बंदी के भाई को फोन कर 15 सौ रुपए मांगे। रुपए नहीं देने पर बंदी के हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी।
दोस्तपुरा सिविल लाइन निवासी दिलीप कुमार ने नयापुरा पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई संजय वर्मा करीब एक सप्ताह से जेल में बंद है।4 दिन पहले जेल से उसके पास फोन आया। इसमें उसके भाई से बात करवाकर उसे जेल में परेशान नहीं करने के लिए 1500 रुपए की मांग की गई। कुछ देर बाद दूसरे नम्बर से फोन आया। इसमें रुपए नहीं देने पर उसके भाई के हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी गई। उसने कहा कि वह गरीब है, एक साथ रकम नहीं दे सकता। फिर भी अलग-अलग नम्बरों से फोन कर उसे परेशान किया जा रहा है। उसने रुपए देने के लिए एक-दो दिन का समय चाहा है। इधर, नयापुरा थानाधिकारी विजयशंकर शर्मा ने बताया कि दिलीप की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुके मामले
जेल से धमकाकर चौथवसूली का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी आए दिन ऐसे मामले हो चुके हैं। तत्कालीन डिप्टी जेलर बत्तीलाल मीणा द्वारा अनूप पाडि़या के साथ मिलकर बंदियों को जेल में परेशान नहीं करने व बैरक बदलने के नाम पर उनके परिजनों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया था। इस पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए बत्तीलाल, अनूप और दो दलालों को गिरफ्तार किया था।
बैरक में मिल चुके कई मोबाइल
जेल डीजीपी भूपेन्द्र सिंह के आदेश पर राज्य की जेलों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें कोटा जेल में ही तलाशी के दौरान अब तक कई मोबाइल व चार्जर मिल चुके हैं। स्वयं जेल अधीक्षक ने तलाशी के दौरान इन्हें बरामद किया। इस
संबंध में नयापुरा थाने में मुकदमा भी दर्ज है, लेकिन पुलिस अभी तक सिम और फोन करने वालों का पता नहीं लगा सकी है।