
सारथल. क्षेत्र के ग्राम पंचायत भावपुरा के बमोरी गांव में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी मोहनलाल महावर एवं कृषि पर्यवेक्षक अवधेश कुमार मीणा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत कराते हुए जीवामृत एवं बीजामृत बनाने की विधि का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक खेती में गोबर एवं गोमूत्र का उपयोग कर तैयार किए जाने वाले जीवामृत और बीजामृत से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती अपनाकर उत्पादन लागत घटाएं, मिट्टी की सेहत को सुरक्षित रखें तथा पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत एवं बीजामृत तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। उपस्थित किसानों ने अधिकारियों से प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और इस पद्धति को अपनाने में रुचि दिखाई।