कोटा

खत्म होगा डिग्री खोने का डर, आरटीयू बना रहा ई वॉलेट

नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी पर अपलोड होगा आरटीयू के छात्रों का रेकॉर्ड। छात्रों का बनेगा ई वॉलेट। आरटीयू ने सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड के साथ किया अनुबंध।
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Jan 15, 2019
kota
RTU

कोटा. छात्रों को अंकपत्रों, प्रमाण पत्रों और डिग्रियों के ऑनलाइन रखरखाव और आसान सत्यापन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) ने सोमवार को सीडीएसएल वेंचर्स लिमिडेट के साथ करार कर लिया। अब विश्वविद्यालय शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का डिजिटलाइजेशन कर उन्हें नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) पर उपलब्ध करा सकेगा।
छात्रों को नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी की सुविधा मुहैया कराने के लिए सोमवार को आरटीयू ने सीडीएसएल वेंचर्स लिमिडेट के साथ अनुबंध कर लिया। कुलपति प्रो. एन पी कौशिक की मौजूदगी में विवि की ओर से परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके द्विवेदी ओर सीडीएसएल के प्रबंधक यशवंत गुप्ता ने एमओयू पर दस्तखत किए। नोडल अधिकारी और उपकुलसचिव नीरज गुप्ता ने बताया कि विवि ने एनएडी पर डिजीटल एकेडमिक सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री और मार्कशीट अपलोड करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। छात्र और अन्य संस्थान सीडीएसएल के जरिए इस ऑनलाइन स्टोर की एक्सिस हासिल कर सकेंगे।
खत्म होगी धोखाधड़ी
प्रो. एके द्विवेदी ने बताया कि डिजिटल डॉक्यूमेंट हासिल करने के लिए छात्रों का ई-वॉलेट बनाया जाएगा। जिसकी लॉगइन आईडी और पासवर्ड विद्यार्थी को मुहैया कराया जाएगा। इसके जरिए वह एकाउंट एक्सिस करके अपने और भी डिजिटल डॉक्यूमेंट स्टोर कर सकेगा। वहीं आरटीयू की ओर से जारी प्रमाण पत्रों की सार संभाल और प्रिंट आदि हासिल कर सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के पास भी एकाउंट एक्सिस करने की सुविधा रहेगी। जब भी कोई कंपनी शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहेगी तो उसे एनएडी को एक रिक्वेस्ट मेल भेजनी होगी। कंपनी की प्रमाणिकता जांचने के बाद डिपॉजिटरी उसे स्टूडेंट एकाउंट पर फॉरवर्ड कर देगी। जिसके बाद छात्र या विवि प्रशासन उसे रिकॉर्ड देखने की मंजूरी देगा। इस नई व्यवस्था से फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी।
ये होंगे फायदे
सभी अकादमिक प्रमाण पत्रों को रखने का स्थायी और सुरक्षित ऑनलाइन स्टोर
डुप्लिकेट प्रमाण पत्रों के लिए अब भटकने की बजाय छात्र इसे सीधे एनएडी से ही प्राप्त कर सकेंगे
नकली और जाली प्रमाण पत्रों पर प्रभावी रोकथाम
सर्टिफिकेट खोने, खराब और नष्ट होने का कोई खतरा नहीं
विद्यार्थी अपने प्रमाण पत्रों तक कभी भी, कहीं भी सुविधाजनक ढंग से पहुंच जाएंगे
राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्रों की प्रतियों के प्रमाणीकरण की आवश्यकता समाप्त होगी नियोक्ता प्रमाण पत्रों का ऑनलाइन, त्वरित और विश्वसनीय सत्यापन कर सकेंगे
सर्टिफिकेट्स की प्रमाणित प्रतिलिपि तक पहुंच सकेंगे सत्यापन में आने वाली लागत, समय और कठिनाइयां खत्म होंगी

Published on:
15 Jan 2019 07:00 am