कोटा

महिला सरपंच ने किया ऐसा गलत काम की अब जाना पड़ेगा जेल

रिश्वत लेने के 9 माह पुराने मामले में एसीबी ने सोमवार को टोंक जिले की ग्राम पंचायत निवारिया की तत्कालीन महिला सरपंच को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
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Updated: 25 Jun 2018, 8:12 PM IST
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रिश्वत लेने के 9 माह पुराने मामले में महिला सरपंच गिरफ्तार, जेल भेजा

कोटा. रिश्वत लेने के 9 माह पुराने मामले में एसीबी ने सोमवार को टोंक जिले की ग्राम पंचायत निवारिया की तत्कालीन महिला सरपंच को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।

एसीबी कोटा ग्रामीण के निरीक्षक व अनुसंधान अधिकारी हरिसिंह मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायत निवारिया निवासी अशोक शर्मा ने 16 सितम्बर 2017 को एसीबी बूंदी को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उनकी फर्म मैसर्स गौतम कंस्ट्रक्शन कम्पनी को ग्राम पंचायत निवारिया में निर्माण कार्य की सामग्री सप्लाई का टेंडर मिला था।

जिसमें उन्होंने निर्माण सामग्री सप्लाई की थी। जिसका 1.90 लाख रुपए का बिल बकाया था। उस बिल पर हस्ताक्षर करने की एवज में तत्कालीन पदेन सचिव नंदलाल स्वयं व महिला सरपंच राजीदेवी के नाम से 10 फीसदी के हिसाब से 19 हजार रुपए की मांग कर रहा है। इस शिकायत पर सत्यापन कराया गया।

सत्यापन में नंदलाल द्वारा सरपंच राजीदेवी के लिए रुपए मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 19 सितम्बर को नंद लाल को दलाल मोरपाल के माध्यम से 11 फीसदी के हिसाब से 20900 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। लेकिन सरपंच उसके बाद से ही फरार चल रही थी। मामले की जांच कर रहे एसीबी ग्रामीण के एएसपी ने 17 नवम्बर को तीनों के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया था।


लेकिन महिला सरपंच के फरार होने से अदालत ने उसके गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखे थे। निरीक्षक हरिसिंह मीणा ने बताया कि सरपंच राजीदेवी ने सोमवार को एसीबी कार्यालय में सरेंडर किया। जिसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।

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25 Jun 2018, 8:12 PM IST
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