
खतरे के बीच पढ़ रहे विद्यार्थी
तीन विद्यालयों के लिए राशि स्वीकृत
नैनवां. ब्लॉक के पांच उच्च माध्यमिक विद्यालय ऐसे है, जिनका सम्पूर्ण विद्यालय भवन जर्जर घोषित है। इनमें शहर के दो विद्यालय भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने तीन जर्जर विद्यालयों में नए भवनों के निर्माण के लिए समग्र शिक्षा योजना में साढ़े चार-साढ़े चार करोड़ की राशि स्वीकृत होने के बाद भी भवनों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। विद्यालय संचालन के लिए दूसरे भवन नहीं मिल पाने से इन्ही जर्जर भवनों में कुछ ठीक स्थिति वाले एक या दो कमरों में ही विद्यार्थियों को बैठाना पड़ रहा है। इनके अलावा 18 विद्यालय भी ऐसे है, जिनके 38 कमरे क्षतिग्रस्त है।
प्रशासन ने सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवनों की स्थिति के कराए आंकलन में नैनवां शहर के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नैनवां के नवीन महात्मा गांधी विद्यालय, देई के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गम्भीरा के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय व दुगारी महात्मा गांधी के सम्पूर्ण विद्यालय भवनों को जर्जर माना है। इन सम्पूर्ण जर्जर भवनों में ही काफी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत है। नैनवां बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 286, नवीन महात्मा गांधी विद्यालय में 341, देई बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 536, गम्भीरा बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 122 व दुगारी महात्मा विद्यालय में 100 विद्यार्थी अध्ययनरत है। भवन जर्जर होने से विद्यार्थियों को बैठाने के लिए कमरों का अभाव बना हुआ है।
सम्पूर्ण विद्यालय भवन जर्जर होने की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार ने इनमें से तीन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालयों नैनवां, देई व गम्भीरा के लिए समग्र शिक्षा अभियान योजना में 28 अप्रेल को चार माह पूर्व प्रति विद्यालय 4.49-4.49 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हो रही है, लेकिन नए भवनों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। समूर्ण जर्जर भवन वाले दो विद्यालयों के लिए अभी कोई राशि स्वीकृत नहीं की है।
18 विद्यालयों के भी 38 कक्ष जर्जर
ब्लॉक के अन्य उच्च माध्यमिक विद्यालय भवनों की जर्जर कमरों की स्थिति के अनुसार उच्च माध्यमिक विद्यालय गुढ़ादेवजी में 6 कक्ष, जेतपुर में 4, बम्बूली में 5, सादेडा व गुढ़ासदावर्तिया में तीन-तीन, नीमखेड़ा, महात्मा गांधी तलवास व बांसी में दो-दो, पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय नैनवां में दो, उच्च माध्यमिक विद्यालय डोकुन, देई, जजावर, दुगारी, करवर, मोतीपुरा, समीधी, सिसोला व माणी में एक-एक कक्ष जर्जर है।