कोटा

अधिकारियों की नाक के नीचे 5 साल से कैसे करता रहा मृतक नौकरी

मृतक की पत्नी के परिवाद पर मामला दर्ज करने का आदेश
2 min read
• •
Updated: 6 Jul 2018, 6:56 PM IST
fraud
fraud

कोटा. फर्जी दस्तावेज के आधार पर मृतक भतीजे की जगह चाचा के रेलवे में गैंगमैन पद पर 5 साल से नौकरी करने का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी ने अपने चाचा ससुर पर रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए अदालत में परिवाद पेश किया है। अदालत ने सभी के खिलाफ जीआरपी थाने में मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।


बीना के महादेव खेड़ी निवासी शांति बाई अहीरवाल ने अपने चाचा ससुर छुट्टन उर्फ छोटूलाल अहीरवाल, रेलवे के एईएन, एक्सईएन समेत कई अधिकारियों के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे में परिवाद पेश किया। इसमें कहा कि उनके पति काशीराम दीगोद से कल्याणपुरा रेलवे स्टेशन पर गैंगमैन पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान क्षतिग्रस्त रेलवे पुलिया से नीचे गिरने से वे घायल हो गए, उपचार के दौरान 16 नवम्बर 2013 को उनकी मौत हो गई। इस बीच चाचा ससुर छोटूलाल ने उसे पति की जगह नौकरी व क्षतिपूर्ति राशि दिलाने के नाम पर काशीराम के सभी दस्तावेज ले लिए। वह कुछ समय विश्वास दिलाता रहा, बाद में दो टूक मना कर दी।


अधिवक्ता मनीष तिवारी ने बताया कि अदालत ने परिवाद जीआरपी थाने भेज सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। जीआरपी थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा का कहना है कि परिवाद प्राप्त होने पर मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों ने कर रखा है प्रमाणित
रेलवे के लोगों ने उसे बताया कि पति की जगह पर नौकरी व क्षतिपूर्ति मिलेगी। उसने डीआरएम कार्यालय से जानकारी चाही तो बताया गया कि उसका पति तो जिंदा है वह नौकरी कर रहा है। फाइल देखने पर उसमें पति काशीराम की जगह छोटूलाल का फोटो लगा मिला जिसे रेलवे अधिकारियों ने प्रमाणित कर रखा था। छोटूलाल ने रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त कर ली।


दिखाया प्रमाण
मृतक की पत्नी शान्ति बाई ने अधिकारियों को पति का मृत्यु, पहचान व अस्पताल में इलाज के दस्तावेज दिखाए हैं।

Published on: