कोटा के रेलवे लोको शेड यार्ड में गांधी प्रतिमा के अनादर का मामला सामने आया है। राष्ट्रपिता की सालों पुरानी प्रतिमा कचरे में पड़ी हुई थी।
एक ओर जहां पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था, वहीं कोटा मंडल रेल प्रशासन उनके अपमान की कालिख पोत रहा था। कोटा के रेलवे लोको शेड यार्ड में सालों पहले गांधी प्रतिमा स्थल स्थापित किया गया था। दो अक्टूबर को जब लोग इस प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने पहुंचे तो गांधी स्थल को बदहाल देख चौंक पड़े। वहीं बापू की प्रतिमा लोको शेड यार्ड के कचरे के ढ़ेर में पड़ी हुई मिली।
लोग पुष्प अर्पित करने पहुंचे तब चला पता
गांधी जयंती पर रेलवे लोको शेड यार्ड परिसर में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सोमवार को कटु अनुभव से गुजरना पड़ा। कांग्रेस सेवादल कार्यकर्ता गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता को नमन करने रेलवे लोको शेड यार्ड परिसर पहुंचे थे। वहां गए तो देखा कि गांधी प्रतिमा स्थल पर एक पेड गिरा पड़ा था और वहां लगी हुई बापू की प्रतिमा दूर पानी की टंकी के नीचे कचरे में पड़ी हुई थी।
Read More: 16 कलाओं से परिपूर्ण होगा शरद पूर्णिमा का चांद, सर्वार्थ सिद्धी योग से बरसेगा अमृत
लोगों में गुस्सा, रेलवे से कार्रवाई की मांग
आशंका है कि पेड़ गिरने से प्रतिमा टूट गई। हालात देख कार्यकर्ता गुस्सा हो गए। रेलवे अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने रोष जताया और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि प्रतिमा खंडित होने पर भी अफसरों ने यहां की कोई सुध नहीं ली। कब से प्रतिमा यूं ही गिरी पड़ी है किसी को खबर नहीं। विरोध देख रेलवे कार्मिक इस प्रतिमा को उठाकर अंदर परिसर में ले गए। इस दौरान सेवादल जिलाध्यक्ष मनोज दुबे, अंशु तिवारी, संतोष वर्मा, रेखा बैरवा, हरभजन सिंह व राजेश गुर्जर मौजूद थे।