कोटा

गांधीसागर बांध का जल स्तर हो गया इतना कि कोटा बैराज के दो गेट खोले, धौलपुर तक अलर्ट

मध्यप्रदेश के जावदा क्षेत्र में तेज बारिश हुई। चम्बल नदी के गांधीसागर बांध में पानी की आवक बढ़कर 54 हजार 612 क्यूसेक हो गई। गांधीसागर में जलस्तर 1308.92 फीट हो गया है। बांध पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट के मुकाबले अब महज तीन फीट खाली है।

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Sep 11, 2024
Nonera Dam

मध्यप्रदेश के जावदा क्षेत्र में तेज बारिश हुई। चम्बल नदी के गांधीसागर बांध में पानी की आवक बढ़कर 54 हजार 612 क्यूसेक हो गई। गांधीसागर में जलस्तर 1308.92 फीट हो गया है। बांध पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट के मुकाबले अब महज तीन फीट खाली है।

कोटा बैराज के दो गेट खोले

गांधी सागर में पानी की आवक को देखते हुए मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। गांधी सागर में पानी की आवक बढ़ने पर शाम को पन बिजली घरों की दो मशीनों से विद्युत उत्पादन कर 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते कोटा बैराज के दो गेट खोलकर 3759 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी है।

पानी की निकासी जारी

राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर 1154.34 फीट दर्ज़ किया गया है। यहां पानी की आवक 5 हजार 929 क्यूसेक हो रही है। जवाहर सागर बांध में 3 हजार 64 क्यूसेक पानी की आवक के बाद बिजली उत्पादन किया जाकर 5 हजार 929 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। कोटा बैराज से दायीं मुख्य नहर में 525 क्यूसेक तथा गेट खोलकर 5002 क्यूसेक पानी की निकासी जारी है।

नौनेरा बांध के 17 गेट खोलकर नदी में छोड़ा पानी, टेस्टिंग सफल

पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) के तहत कालीसिंध नदी पर बने नौनेरा बांध के बुधवार को सभी 27 गेट अलग-अलग समय में खोलकर टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया। गेटों के सफल परीक्षण पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने खुशी जाहिर की है। अब बांध पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा, इसलिए बांध के 17 गेट एक साथ खोलकर 3.50 लाख क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। अभी इस बांध से ईसरदा व अन्य बांधों को भरने के लिए बनाई जानी वाली टनल का काम शुरू नहीं हुआ है। जलापूर्ति के लिए इंटकवैल का भी काम पूरा नहीं हुआ है। गेट 107 मीटर खोलकर टेस्टिंग की जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके जैमिनी ने बताया कि बांध के गेट 107 मीटर खोलकर टेस्टिंग की गई। बांध का जल स्तर 2017 मीटर पहुंच गया था। टेस्टिंग पूरी तरह सफल हो गई है। बांध में पानी की आवक के मद्देनजर डूब क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे भी करवाया। किसी भी जगह पानी भरने की समस्या नहीं आई है।

Published on:
11 Sept 2024 11:00 pm
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