बूंदी के किसानों ने कोटा कलक्ट्रेट पर विरोध स्वरूप लहसुन के तीन चार कट्टे फेंक दिए।
कोटा . बूंदी कलक्टर के आश्वासन के बाद भी कोटा की भामाशाह मंडी में केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों का लहसुन खरीद केंद्र पर नहीं बिका तो आक्रोशित किसानों ने कोटा कलक्ट्रेट पर विरोध स्वरूप लहसुन के तीन चार कट्टे फेंक दिए। इस दौरान किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले प्रदर्शन किया।
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बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लहसुन बेचने के लिए केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से लेसड़दा के किसान धर्मेंद्र शर्मा को केशवरायपाटन केंद्र पर 30 अप्रेल को लहसुन बेचने के लिए मैसेज मिला, जबकि केशवरायपाटन केंद्र पर तो लहसुन की तुलाई ही
नहीं हो रही। किसानों ने बूंदी कलक्टर को शिकायत की तो उन्होंने कोटा कलक्टर से वार्ता कर भामाशाह मंडी में लहसुन तुलवाने के लिए भेज दिया।
किसान मंगलवार को भामाशाह मंडी लहसुन बेचने पहुंचा तो यहां बूंदी जिले का किसान होने के कारण उसका लहसुन तोलने से मना कर दिया। ऐसे में आक्रोशित किसान ने अखिल भारतीय किसान सभा
के संभागीय संयोजक दूलीचंद बोरदा को सूचित किया तो दो दर्जन से
अधिक किसानों ने कलक्ट्रेट
पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसान धमेंद्र लहसुन की ट्रॉली लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गया और तीन-चार कट्टे लहसुन कलक्ट्रेट गेट पर फेंक दिए। बोरदा ने बताया कि बुधवार को बूंदी कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले लहसुन के अच्छे दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों ने झालावाड़ मंडी में लहसुन फेंक दिए थे।