
मोड़क स्टेशन. क्षेत्र के अमझार गांव में गुरुवार दोपहर को एनिकट पार करते समय पैर फिसलने से एक बालिका अमझार नदी में बह गई। सूचना पर पुलिस व एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और बालिका की शाम सात बजे तक तलाश की। लेकिन, अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। शुक्रवार तड़के फिर से तलाश की गई। सुबह 8 बजे तक बालिका का कहीं पता नहीं चला। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पीपल्दा सहकारी समिति अध्यक्ष भीमराज गुर्जर ने बताया अमझार निवासी भगवती (12) पुत्री रामरतन जाट दोपहर 12 बजे करीब स्कूल से घर आई थी। जहां परिजनों के खेत पर होने का पता लगने पर वह भी घर से खेत के लिए निकल गई। रास्ते में अमझार नदी पर बने एनिकट पार करने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नदी में बह गई। पास ही के खेत में काम कर रही महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बालिका की तलाश की।
ढाबा देह चौकी प्रभारी मुकेश कुमार की सूचना पर शाम साढ़े पांच बजे कोटा से एसडीआरएफ टीम पहुंची और बालिका की तलाश शुरू की लेकिन सात बजे बालिका का सुराग नहीं लगा। अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। शुक्रवार तड़के फिर से तलाश शुरू की गई लेकिन 8 बजे तक बालिका का पता नहीं चल सका। एसडीएम चिमनलाल मीणा, डीएसपी मनजीत सिंह व हल्का पटवारी भवानीशंकर सैनी घटना पर नजर बनाए हुए हैं।
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एनिकट पार कर जाना पड़ता है खेत
ग्रामीणों ने बताया कि अमझार गांव की आबादी 1500 के करीब है। नदी के दोनों ओर सवा दो सौ बीघा खेत हैं। खेतों तक पहुंचने के लिए किसानों को एनिकट पार करना पड़ता है। बारिश के दिनों में एनिकट पानी में डूब जाता है। पूर्व में पंचायत प्रशासन से इसकी ऊंचाई बढ़वाने और रेलिंग लगाने की मांग की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। खेतों पर आने-जाने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। डेढ़-दो माह पहले कूकड़ाखुर्द गांव में अमझार नदी पर बने एनिकट पार करते समय एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।