
रावतभाटा. चारभुजा निवासी मुकेश औदीच्य पर उस समय दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा जब उन्हें पता चला कि उनकी आठ वर्षीय इकलौती बेटी दीया की दोनों किडनी काम नहीं कर रही। बच्ची को बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है। चिकित्सकों के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 15 से 20 लाख का खर्च आएगा जो आरएपीपी में दैनिक वेतनभोगी के रूप में बतौर ठेका श्रमिक काम कर रहे मुकेश के लिए असंभव है। अब बच्ची का जीवन बचाने के लिए मुकेश ने परिजनों के साथ सार्वजनिक सहायता की अपील की है।
एकदम निकल कर आई जानलेवा बीमारी
बच्ची के पिता मुकेश ने बताया कि वे उनकी पत्नी का ऑपरेशन कराने उदयपुर के एक निजी अस्पताल में गए थे। जहां दो जुलाई को बच्ची की लंबाई व वजन नहीं बढऩे की समस्या पर उन्होंने अस्पताल में उसकी जांच कराई। जिसके बाद चिकित्सकों ने बताया कि दीया की दोनों किडनी खराब है। इसके बाद मुकेश उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ले गए वहां पर चिकित्सकों ने किडनी की शीघ्र व्यवस्था कर ट्रांसप्लांट करवाने की बात कही।
बेटे की भी बीमारी से हुई थी मौत
रुंधे गले से दीया के पिता मुकेश ने बताया कि भगवान ने उन्हें एक बेटा और एक बेटी का सुख दिया था, लेकिन तीन वर्ष पहले उनके एक साल के बेटे की निमोनिया से मौत हो गई थी। अब प्यारी लाडो को देखकर जी रहे थे, उसे भी जानलेवा बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया।
मुकेश ने बताया कि उनकी बेटी दीया को ओ पॉजिटिव ब्लड रूप के किडनी की आवश्यकता है जिसकी तलाश कर रहा है। अगर सार्वजनिक सहयोग से आर्थिक मदद मिल जाए तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती है।