
घर में रोजाना की तरह हंसी-ठिठोली का माहौल था। 19 वर्षीय महक मीणा मां और छोटे भाई के साथ मस्ती कर रही थी। डॉक्टर बनने का सपना आंखों में था और री-नीट की तैयारी में जुटी हुई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद यह हंसता-खेलता घर शोक व मातम में डूब जाएगा।
बसंत विहार निवासी महक मीणा मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक परिवार के साथ सामान्य बातचीत कर रही थी। चाय पीने के बाद वह अपने कमरे में पढ़ाई करने के लिए कुर्सी पर बैठ गई। कुछ देर बाद अचानक वह अचेत होकर कुर्सी से गिर गई। परिजन घबरा गए और तुरंत उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।महक के ताऊ कुंजबिहारी मीणा ने बताया कि वह नीट की तैयारी कर रही थी। यह उसका दूसरा प्रयास था। इससे पहले भी उसने परीक्षा दी थी। हाल ही हुई परीक्षा के बाद वह दोबारा तैयारी में जुटी थी। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं।
वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी, लेकिन साइलेंट अटैक से उसकी मौत ने परिवार को तोड़ दिया। पिता श्याम मीणा आढ़त व्यवसाय से जुड़े हैं। परिवार की बड़ी बेटी होने के कारण वह घर की उम्मीदों का केंद्र थी। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि छोटा भाई अब भी बहन के लौट आने की आस लगाए बैठा है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर मालव ने बताया कि महक को पहले से हृदय संबंधी समस्या थी और उसका उपचार चल रहा था। उसे आगे इलाज के लिए एम्स भी रैफर किया गया था, जहां उसका उपचार जारी था।