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Rajasthan : उदयपुर में एक घर से निकले 23 जहरीले सांप, टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Udaipur Poisonous Snakes : उदयपुर के प्रतापनगर के ढिकली गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के ट्यूबवेल चेंबर से 23 जहरीले सांप निकले। सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम भी यह देखकर हैरान रह गई।
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उदयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 11 Jun 2026, 7:25 AM IST

Udaipur 23 poisonous snakes found in a house commotion team carried out safe rescue

Udaipur Poisonous Snakes : एक साथ रेस्क्यू किए गए 23 रसल वाइपर सांप। फोटो पत्रिका

Udaipur Poisonous Snakes News : उदयपुर के प्रतापनगर क्षेत्र के ढिकली गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के ट्यूबवेल चेंबर से 23 जहरीले सांप निकले। सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम भी यह देखकर हैरान रह गई कि जिस एक सांप को पकड़ने के लिए बुलाया गया था, उसके साथ 22 नवजात सांप भी मौजूद थे। वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ. चमन सिंह चौहान ने बताया कि ढिकली गांव में सांप की सूचना मिली।

डॉ. चमन सिंह चौहान टीम के सदस्य लक्ष्मीलाल गमेती के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घर के पीछे ट्यूबवेल चेंबर में एक सांप दिखा। जैसे ही रेस्क्यू शुरू किया गया, चेंबर के भीतर छोटे-छोटे सांप नजर आए। सावधानीपूर्वक चेंबर की जांच की तो कुल 23 सांप निकाले। इनमें एक मादा रसल वाइपर और 22 नवजात थे। सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी क्षेत्र से दूर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

अंडे नहीं, सीधे बच्चों को जन्म देता है रसल वाइपर

उदयपुर के डॉ. चमन सिंह ने बताया कि रसल वाइपर भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक है। यह प्रजाति अंडे नहीं देती, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देती है। इसका प्रजनन काल सामान्यतः नवंबर में होता है और मादा जून-जुलाई में बच्चों को जन्म देती है। इसी कारण मानसून से पहले ऐसे मामले अधिक सामने आते हैं।

पहली बारिश के साथ बढ़ जाती है सांपों की गतिविधियां

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार पहली बारिश के बाद बिलों और सुरक्षित ठिकानों में रह रहे सांप बाहर निकलने लगते हैं। ऐसे में खेतों, बगीचों, ट्यूबवेल चेंबर, पत्थरों के ढेर, लकड़ी के भंडार स्थलों और घरों के आस-पास सांप दिखाई देने की संभावना बढ़ जाती है। यदि घर, खेत या आसपास किसी भी प्रकार का सांप अथवा वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास नहीं करें। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। तत्काल वन विभाग अथवा अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके।

एक वर्ष पूर्व भी उदयपुर के एक होटल के गार्डन में निकले थे 18 सांप

एक वर्ष पहले जुलाई 2025 में भी उदयपुर शहर के सेवाश्रम इलाके में स्थित एक होटल के गार्डन में सांपों का झुंड नजर आया था। गार्डन में कबाड़ के पीछे एक साथ कोबरा प्रजाति के 18 छोटे सांप दिखाई दिए थे। वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के डॉ. चमन सिंह चौहान ने पूरे दल के साथ मिलकर सावधानी से सभी सांपों को पकड़कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें जंगल में छोड़ दिया। कोबरा सांप एक बार में 12 से 20 अंडे देता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि कोबरा सांप कई बार अपने बच्चों को भी नुकसान पहुंचा देता है।