
छबड़ा. बारां जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास ( Kasturba Gandhi balika hostel ) में रहने वाली छात्राओं ने वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। (Girls Student allegations on warden ) एसडीएम को शिकायत करने गई छात्राओं में से 12वीं की छात्रा सुमन बैरवा वार्डन की धमकी से डरकर बेहोश हो गई। ( Girls Student unconscious ) प्रशासन में हड़कम्प मच गया। बालिका को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। एसडीएम नंदकिशोर राजौरा के निर्देश पर तहसीलदार दिलीप सिंह प्रजापत मौके पर पहुंचे और बालिका के होश में आने पर पूछताछ की। इस पर बालिका ने बताया कि वार्डन मुकलेश मीणा आए दिन छात्राओं से मारपीट करती हंै। घटिया खाना ( Poor food ) देने के साथ हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा बना हुआ है। खाने में अक्सर जली हुई रोटियां व पतली दाल होती हैं।
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फूट-फूट कर रोने लगी छात्राएं
इनरव्हील क्लब की सदस्य चिकित्सालय में पहुंची और छात्रा को हिम्मत देते हुए उक्त मामले की जानकारी ली तो छात्राएं फूट-फूट कर रोने लगी। छात्राओं ने बताया कि वार्डन कमरे की सफाई व कपड़े भी छात्राओं से ही धुलवाती है। बाजार में सब्जियां लेने भेजती है और खराब सब्जियां आने पर मारपीट करती हैं।
छात्राएं बोली-हमारे साथ होती है मारपीट
छात्राओं के लिए आने वाले राशन में गड़बड़झाला कर खुद का राशन भी हॉस्टल के हिसाब में जुड़वाती है। शिकायत करने पर वह टीसी काटने की धमकी देती हैं। पूर्व में भी वार्डन द्वारा हमारे साथ मारपीट की गई। ( Beating From Girls Student ) हम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस होने पर हिम्मत जुटाकर उपखंड कार्यालय गई थी, जहां हमें न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने वार्डन को छात्रावास से हटाकर जांच कराने की मांग की है। वहीं, अस्पताल में मौजूद वार्डन मुकलेश मीणा लगातार अपनी सफाई देते हुए बालिकाओं को झंूठलाने का प्रयास कर रही थी। उनका कहना था कि शिकायत करने वाली छात्रा बीमारी से ग्रस्त है। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
जांच कमेटी गठित
देर शाम छबड़ा चिकित्सालय में उपखंड अधिकारी ने पहुंचकर छात्रा से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उपखंड अधिकारी ने उक्त मामले को लेकर तहसीलदार के नेतृत्व में तीन सदस्य समिति गठित की और तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद वे देर शाम हॉस्टल भी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्राओं का हालचाल जाना। दूसरी ओर वार्डन मुकलेश मीणा का कहना है कि शिकायत करने वाली छात्रा बीमारी से ग्रस्त है। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।