
कोटा. परीक्षाओं का तनाव घटाने के लिए सीबीएसई ने मनोवैज्ञानिक परामर्श कार्यक्रम शुरू किया है। इस बार बोर्ड चार अप्रेल तक इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) के जरिए बच्चों की काउंसलिंग करेगा। इसके साथ ही टैली काउंसलिंग, ऑनलाइन काउंसलिंग, ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन और समाचार पत्र में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से भी छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
अच्छे स्कोर की चाहत और बड़ी सफलता के दवाब में बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले ही अधिकांश विद्यार्थी दवाब में आ जाते हैं। इसकी वजह से होने वाले तनाव को परिजन समझ ही नहीं पाते और तमाम तरह की मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। इन सबसे बचने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने काउंसलिंग प्रोग्राम शुरू किया है। एक फरवरी से चार फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थी ही नहीं अभिभावकों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श मुहैया कराया जाएगा।
कॅरियर पाइंट के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट देव शर्मा ने बताया कि इस बार टैली काउंसलिंग, ऑनलाइन काउंसलिंग,ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन और क्विज के साथ-साथ आईवीआरएस तकनीकी से भी काउंसलिंग की जाएगी। इस तकनीक के उपयोग द्वारा कम समय में अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को परामर्श दिया जा सकेगा। आईवीआरएस एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वॉइस रिस्पॉन्स के माध्यम से त्वरित एवं बेहतरीन सेवाएं प्रदान की जाती हैं। बोर्ड ने इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।
देशी विदेशी विशेषज्ञ
देव शर्मा ने बताया कि सीबीएसई ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के लिए 87 काउंसलर नियुक्त किए हैं। जिनमें 65 भारत के और 22 विदेशों के हैं। दो स्पेशल एजुकेटर्स की भी नियुक्ति की गई है। काउंसलिंग की सुविधा पूरी तरह निशुल्क रखी गई है।