
कोटा . बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लहसुन खरीद की भले ही केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन राज्य सरकार की ढिलाई के कारण अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है। कम दाम मिलने से किसान परेशान है। दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने भी लहसुन खरीद के केन्द्र शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अधिकारी अभी भी आदेश के इंतजार में है।
Big News: लहसुन के भाव सुन किसान को लगा सदमा, जहर खाकर दी जान
लहसुन की बाजार हस्तक्षेप योजना पर खरीद होने की सूचना के बाद मंडियों में लहसुन की आवक भी कम हो गई। केवल जरूरतमंद किसान घटे दाम में लहसुन बेचने पर मजबूर है।
कर्ज में डूबे बारां निवासी किसान को मंडी में लहसुन के गिरे भाव से सदमा लगा और उसने विषाक्त खाकर जान दे दी। गत वर्ष भी कम दाम में लहसुन बिकने से अवसाद में आए 6 किसानों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि लहसुन के दाम नहीं मिलने को लेकर पत्रिका ने अभियान शुरू किया था, इसके बाद खरीद के आदेश जारी हुए थे।
Read More: कोटा की नहर में तैरते मिले एक-एक हजार के नोट, कोई आया और फैंक गया गड्डियां, रुपए निकालने कूद पड़े लोग
कितने लहसुन की होगी खरीद
राज्य सरकार ने 12 अप्रेल से 12 मई तक लहसुन खरीद की घोषणा की है। अब तक सरकार द्वारा ऑनलाइन रजिस्टेशन ही किए जा रहे हैं। लहसुन खरीद के अभी तक भी न तो राजफेड और नही तिलम संघ, सहकारिता विभाग के पास आदेश आए। विभागीय अधिकारियों को यह तक भी पता नहीं है कि लहसुन खरीद के केंद्र कहां कहां संचालित होने हैं।
राजफेड के कोटा खंड क्षेत्रीय अधिकारी नरेश शुक्ला ने बताया कि लहसुन खरीद के ऑनलाइन पंजीयन शुरू हो चुके है। खरीद कब होनी है। कहां, कितने खरीद केंद्र होंगे। इसके बारे में अभी कुछ भी आदेश नहीं आए है। ज्यों ही आदेश आएंगे। खरीद की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
सांसद ओम बिरला ने कहा, केन्द्र सरकार लहसुन खरीद के आदेश जारी करवा दिए हैं, अब राज्य सरकार बिना देरी किए तत्काल लहसुन खरीद कर किसानों को राहत दें। इस संबंध में राज्य सरकार से बात करेंगे।