
कोटा. जरा सी बारिश और आंधी आते ही राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के 132 केवी जीएसएस ठप हो रहे हैं। जिसके चलते केईडीएल के फीडरों को विद्युत सप्लाई न मिल पाने के कारण तकरीबन आधा शहर कई घंटों के लिए अंधेरे में डूब जाता है। सोमवार रात और मंगलवार दोपहर को भी लोगों को घंटों तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
सोमवार देर रात बारिश के दौरान महावीर नगर 132 केवी जीएसएस में फॉल्ट आ गया। जिसके चलते 133 केवी के फीडरों की सप्लाई बंद हो गई और नए कोटा समेत आधे से ज्यादा शहर अंधेरे में डूब गया।132 केवी व 220 केवी जीएसएस राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के अधीन है।
कई घंटों की कोशिश के बाद निगम ने रात में वैकल्पिक व्यवस्था कर महावीर नगर जीएसएस चालू तो कर दिया, लेकिन रात में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए सुबह 11.30 बजे फिर से सप्लाई बंद कर दी। जिसे दोपहर दो बजे के बाद ही चालू किया जा सका।
आंधी-बारिश बनी मुसीबत
दोपहर में बिजली आते ही आंधी और बारिश आ गई। कहीं किसी लाइन में फॉल्ट न आ जाए, इसलिए केईडीएल ने वीवीआईपी और इमरजेंसी फीडर की सप्लाई छोड़ बाकी सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। मौसम ठीक होने के बाद पहले लाइन की पेट्रोलिंग कराई गई। इसके बाद जहां-जहां तार टूटने या कोई फॉल्ट मिला उसे ठीक कर सप्लाई चालू की गई।
निगम को ठहराया जिम्मेदार
सोमवार रात से शुरू हुआ बिजली संकट मंगलवार शाम तक चलता रहा। जिसके चलते केईडीएल के कॉल सेंटर पर शिकायतों का अंबार लग गया। सीओओ अभिजोय सरकार ने बताया कि जैसे ही कहीं फॉल्ट की सूचना आई उसे तत्काल ठीक करा सप्लाई चालू कर दी, लेकिन प्रसारण निगम के जीएसएस में फॉल्ट आने से कंपनी को मिल रही बिजली भी बंद हो जाती है। ऐसे में प्रसारण निगम जब उसे ठीक करता है तभी सप्लाई चालू कर पाते हैं।