कोटा से डाढ़ देवी मार्ग पर िस्थत श्रीनाथजी चरण चौकी और पुजारी को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस ने को छ आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किया है, जबकि तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है।
Kota news : कोटा से डाढ़ देवी मार्ग पर िस्थत श्रीनाथजी चरण चौकी और पुजारी को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस ने को छ आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किया है, जबकि तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है।
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक करन शर्मा ने बताया कि कोटा ग्रामीण के थाना कैथून पुलिस ने 15 अगस्त की रात को थाना कैथून क्षेत्र के मोतीपुरा गांव में स्थित श्रीनाथ के चरण चौकी मन्दिर के पुजारी और मन्दिर को बम से उड़ाने की धमकी देकर नारेबाजी करने की घटना के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि तीन आरोपियों को निरुद्ध किया है। नाबालिगों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया गया।
दिन-रात जुटी रही विशेष टीम
विशेष टीम में कैथून थानाधिकारी संदीप शर्मा समेत पुलिस अधिकारियों ने संदिग्धों को लेकर सूचनाएं एकत्र की। सीसीटीवी कैमरों को चैक करने और तकनीकी अनुसंधान किया गया। इस दौरान विशेष टीम को सूचना मिली कि थाना कैथून क्षेत्र के घटना गोविंद नगर और प्रेमनगर में रहने बदमाशों ने की है। इस पर पुलिस टीम ने घटना में शामिल अपराधियों को नामजद कर तलाश शुरू की। विशेष टीम ने मंगलवार को घटना में शामिल अपराधियों को बारां के किशनगंज, बूंदी के लाखेरी, इन्द्रगढ़ और झालावाड़ के खानपुर से 6 आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार गया, जबकि 3 नाबालिगों को निरुद्ध किया गया।
सुरक्षा के लिए चलती रहेगी चौकी
पुलिस अधीक्षक करण शर्मा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुलिस चौकी स्थायी रूप से चलती रहेगी। यहां पांच पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
यह था मामला
श्रीनाथ की चरण चौकी के पुजारी भीलवाड़ा के कोटड़ी गांव निवासी हाल मोतीपुरा गांव निवासी सोहनलाल (72) ने कैथून थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि 15 अगस्त की रात 8 बजे मंदिर के जल घड़े से बह रहे पानी नॉनवेज के बर्तनों को धो रहे थे। इस पर पुजारी सोहनलाल व त्रिलोक, तुलसी व जितेन्द्र ने ऐसा करने से मना किया तो करीब 25-30 लोग चाकू लेकर उन्हें मारने दौड़े और मंदिर में घुस आए। इस पर उन्होंने मंदिर का गेट बचाकर जान बचाई। बदमाशों ने नारे लगाते हुए मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी की। इससे हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए एएसपी रवीन्द्र सिंह और डीएसपी बेनी प्रसाद के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।