
विनीत सिंह
कोटा. हैंगिंग ब्रिज टोल प्लाजा अब पर्यावरण नियमों के उल्लंघन में फंस गया है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को नोटिस जारी कर घडिय़ाल सेंचुरी के प्रतिबंधित क्षेत्र में टोल स्थापित करने के लिए ली गई इन्वायरमेंट क्लीयरेंस (ईसी) दिखाने को कहा है। ईसी न होने पर एनएचएआई को हैंगिंग ब्रिज से टोल हटाना पड़ सकता है।
चम्बल नदी और उसके आसपास का इलाका राष्ट्रीय घडिय़ाल अभयारण्य का हिस्सा है। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के लिए जब इस हिस्से में पुल बनाने की जरूरत पड़ी तो एनएचएआई को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से निर्माण कार्य के लिए इन्वायरमेंट क्लीयरेंस (ईसी) लेनी पड़ी। वर्ष 2006 में चम्बल पर पुल बनाने की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन इस शर्त के साथ कि नदी के अंदर एक भी पिलर नहीं गाड़ा जाएगा और आसपास की जैव संपदा को भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। टोल प्लाजा के लिए नहीं ली ईसी
ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का करीब 25 किमी का हिस्सा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को छूकर गुजरता है। इस इलाके में सड़क बनाने के लिए भी एनएचएआई को इन्वायरमेंट क्लीयरेंस लेनी पड़ी थी। सड़क और पुल बनाने के लिए ली गई दोनों स्वीकृतियों में प्राधिकरण ने घडिय़ाल सेंचुरी और टाइगर रिजर्व के पास टोल प्लाजा बनाने का उल्लेख नहीं किया था। बावजूद इसके अक्टूबर 2017 में यहां टोल प्लाजा स्थापित कर दिया और मार्च 2018 से टोल की वसूली भी शुरू कर दी गई।
आरएसपीसीबी ने किया जवाब-तलब
टोल टैक्स चुकाने के लिए चम्बल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें रहती हैं। प्राधिकरण ने यहां बिजली का इंतजाम करने के लिए हैवी डीजल जनरेटर सैट भी स्थापित कर दिया है। इनके शोर और धुएं से घडिय़ाल सेंचुरी और टाइगर रिजर्व में ध्वनि और वायु प्रदूषण फैल रहा है। यह वन्यजीवों के साथ ही जैव विविधता के लिए भी नुकसानदायक है। पगमार्क फाउंडेशन के संयोजक देववृत सिंह हाड़ा ने आरएसपीसीबी में इसकी शिकायत की। इस पर बोर्ड ने सोमवार को एनएचएआई को एयर और साउंड पॉल्यूशन एक्ट के उल्लंघन का नोटिस जारी कर दिया।
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वर्जन-
ईसी दिखाने को कहा है
इन्वायरमेंट क्लीयरेंस के बिना हैंगिंग ब्रिज पर टोल प्लाजा बनाने और वाहनों एवं जनरेटर सैट की वजह से सेंचुरी एवं रिजर्व के दायरे में ध्वनि एवं वायु प्रदूषण होने की शिकायत मिली थी। एनएएचआई को नोटिस जारी कर ईसी दिखाने को कहा है।
- अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, आरएसपीसीबी कोटा
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गलत हुआ तो हटा लेंगे
टोल प्लाजा स्थापित करने के लिए अलग से इन्वायरमेंट क्लीयरेंस नहीं ली। नोटिस मिलने के बाद कानूनी पहलुओं की जांच कराई जाएगी। टोल प्लाजा या डीजी सैट नियम विरुद्ध हुए तो हटा लिए जाएंगे। वाइल्ड लाइफ को किसी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे।
एमके जैन, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएएचआई राजस्थान