Heavy Rain, Gandhi Sagar, Jawahar Sagar Dam: राजस्थान में 13 साल में पहली बार चंबल के सबसे बड़े बांध गांधी सागर के 12 गेट खोले गए हैं।
कोटा. राजस्थान-मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश का असर हाड़ौती की प्रमुख नदियों व बांधों में देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर नदियां उफान पर है वहीं, दूसरी ओर बांध लबालब हो गए। कहीं तो बांधों छलकने भी लगे हैं। 13 साल बाद मंगलवार को चम्बल के सबसे बड़े बांध गांधीसागर के पांच स्लूज गेट खोले थे। बुधवार को दो गेट ओर खोल दिए गए। यानी दोपहर 12 बजे तक गांधी सागर के 12 स्लूज व 5 क्रेज गेट खोले गए हैं। वहीं, जवाहर सागर के 9 गेट व राणा प्रताप सागर के 9 गेट खोले गए हैं।
गांधी सागर से बुधवार को 2 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जबकि मंगलवार को 97 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बांध के गेट खुलने के साथ ही कोटा सहित सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। प्रशासन ने चंबल नदी की डाउन स्ट्रीम से निचली बस्तियों को खाली करवाया। कोटा बैराज के बुधवार सुबह 10 बजे तक 14 गेट खोलकर करीब दो लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी की निकासी की गई है। जबकि मंगलवार दोपहर तक 12 गेट खोलकर एक लाख 13 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी। वहीं, दस गेट खुले रहे। इनसे 93,640 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वालों को सतर्क रहने की मुनादी करवाई है। जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर वासुदेव मालावत सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी भी गांधीसागर से पानी छोड़े जाने के बाद कोटा बैराज का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इधर, रावतभाटा स्थित राणा प्रतापसागर के 3 क्रेश गेट, जवाहरसागर के 6 रेडियल गेट खोले जा चुके है।
इन बस्तियों पर मंडराया खतरा
कोटा बैराज के 14 गेट खोलकर भारी मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है। इसे देखते हुए नयापुरा, करबला, खाई रोड सहित चंबल डूब क्षेत्र की अन्य बस्तियों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है। बिजली हादसे की आशंका से केईडीएल ने एहतियात के तौर पर बिजली बंद कर दी है। केईडीएल की टीमें जल भराव वाले स्थानों पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं
राणाप्रताप का जलस्तर 1157.19 फीट
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पूरणचंद मेघवाल का कहना है कि मंगलवार सुबह राणाप्रताप सागर का जलस्तर 1157.19 फीट था। इस पर सुबह 4.20 पर 2 क्रेश गेट खोलकर 64 हजार 16 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। सुबह 10 बजे 1 क्रेश गेट और खोल दिया। तीन गेटों से 95 हजार 280 क्यूसेक व पनबिजली घर से 6 हजार 946 क्यूसेक पानी की निकासी की गई, जबकि बांध में 1 लाख 2 हजार 222 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी।
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सुबह 5 बजे 3 स्लूज गेट खोले
गांधीसागर बांध में 2 लाख 51 हजार 52 क्यूसेक पानी की आवक होने पर मंगलवार को सुबह 5 बजे तीन स्लूज गेट खोले गए। इससे 58 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। सुबह 10 बजे 2 और स्लूज गेट खोले। पांचों गेटों से 97 हजार 12 क्यूसेक व पन बिजली घर से 7 हजार 3 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गांधीसागर की क्षमता 1312 फीट है। अमूमन बांध के गेट 1309 फीट पर खोल दिए जाते हैं। सुबह जलस्तर 1310 फीट पहुंच गया था। इससे पहले 2016 में पांच स्लूस गेट खोले गए थे। इसी तरह तड़के 3.30 बजे जवाहर सागर के 6 रेडियल गेट खोले गए। तड़के साढ़े तीन बजे कोटा बैराज के 9 रेडियल गेट खोले गए। गांधीसागर के गेट खुलने के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्य अभियंताओं के बीच वार्ता हुई। दोनों राज्य जानकारी शेयर कर रहे हैं। इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है।
जैतसागर का एक गेट खोला
बूंदी जिले में बादल मेहरबान रहे। बूंदी में दोपहर बाद रुक-रुक कर करीब दो घंटे तेज बारिश हुई। जैतसागर तालाब का एक गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। बांसी-कालानला मार्ग, रोटेदा-मण्डावरा, गेण्डोली-झालीजी का बराना मार्ग बंद रहा। शाम पांच बजे तक बूंदी में 13, तालेड़ा में 25, इन्द्रगढ़ में 1, हिण्डोली में 40, केपाटन में 16, नैनवां में 11 एमएम बारिश दर्ज की गई।
झालावाड़ जिले में सोमवार रात को जिले में जोरदार बारिश हुई। मंगलवार को दोपहर बाद कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। जिले में गत 24 घंटे में झालावाड़ में 14, झालरापाटन में 17, असनावर 15, पचपहाड़ व अकलेरा में 41-41,खानपुर में 19 बकानी में 30, पिड़ावा में 28, गंगधार 35, डग 65, डग 65, मनोहरथाना 54,सुनेल 16 एमएम बारिश हुई। अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 24 डिग्री रहा। बारां जिले में मौसम साफ रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बंूदाबांदी हुई। भंवरगढ़, कस्बाथाना, मांगरोल व बारां में दोपहर को हल्की बारिश हुई। सुबह आठ बजे तक बीते चौबीस घंटों के दौरान बारां तहसील में एक एमएम, अटरू में 12, छबड़ा में 6, छीपाबड़ौद में 26, मांगरोल में 16, अन्ता में एक, किशनगंज में 9 व शाहाबाद में सबसे अधिक 49 एमएम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
सैलानियों की भीड़
बांधों के गेट खोलने की सूचना मिलते ही लोग सुबह ही बांधों से छोड़े जा रहे पानी को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमडऩे लगी। ऐसे में सिंचाई विभाग ने गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, कोटा बैराज पर आने-जाने वालों को रोक दिया।