Kota Weather: कोटा जिले में करीब 7 हजार घरों में पानी घुस गया और 321 मकान ढह गए। जिले में सोयाबीन, मक्का, उड़द और मूंग की फसल को नुकसान पहुंचा है।
Heavy Rain Impact: हाड़ौती में 22 और 23 अगस्त को हुई अतिवृष्टि के चलते कोटा जिले में 150 सड़कें और 3 पुलिया बह गई। इससे करीब 750 करोड़ रुपए का नुकसान होने का आकलन है। कोटा जिले में करीब 7 हजार घरों में पानी घुस गया और 321 मकान ढह गए। जिले में सोयाबीन, मक्का, उड़द और मूंग की फसल को नुकसान पहुंचा है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सुल्तानपुर पंचायत समिति की 31 ग्राम पंचायतों में करीब 1800 से अधिक कच्चे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई पक्के मकानों की दीवारें भी ढह गईं।
अधिकारियों का कहना है कि सर्वे अभी अधूरा है, लिहाजा आंकड़ा और बढ़ सकता है। बूंदी जिले में करीब 500 घर ढह गए और करीब 2 हजार घरों में पानी भर गया। फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।
प्रशासन ने सुल्तानपुर ब्लॉक की 8 ग्राम पंचायतों में आश्रय स्थल बनाए हैं। इनमें मोरपा, दीगोद, किशोरपुरा, मंडावरा, पोलाई कला, निमोदा हरिजी, डूंगरज्या और कंवरपुरा शामिल हैं।
प्रदेश में सक्रिय मानसून से कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी है। राज्य में मंगलवार को अलवर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडगढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, जोधपुर, करौली, खैरथल, कोटा, कोटपूतली-बहरोड में बारिश का दौर चला। सबसे अधिक बारिश बांसवाड़ा के भांगरा में 6 इंच दर्ज की गई। मौसम केन्द्र के अनुसार आगामी चार दिनों में दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
बूंदी के पापड़ली गांव में बाढ़ के बाद एक युवक अपनी बीमार मां के साथ तीन दिन तक पानी में फंसा रहा। तीन दिन बाद सेना की टीम उसके घर राशन लेकर पहुंची और मां-बेटे दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीन दिन तक पानी में खड़े रहने से युवक के पैरों में इंफेक्शन हो गया। सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर ने बताया कि पापड़ली गांव से दो सौ मीटर दूर एक मकान पानी से घिरा हुआ था। मंगलवार को उनकी नजर इस मकान पर पड़ी तो वे वहां पहुंचे। प्रभुलाल मां के साथ था। प्रभुलाल ने बताया कि वह तीन दिन से मकान के अंदर पानी में खड़ा है। उसकी मां बीमार है, इस कारण वह बाहर नहीं निकला और मां के पास ही रहा। सेना के जवानों ने दोनों को वहां से बाहर निकाला।