राजस्थान सरकार में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा जिले के सांगोद में बुधवार को खुद फावड़ा उठाकर नालियों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कई जगहों पर पहुंचकर यथा स्थिति का जायजा लिया। वहीं ढीले विद्युत तार और तिरछे पोल को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।

कोटा। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बुधवार को कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र के दौरे के दौरान स्वच्छता, बिजली और पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर हाथ में फावड़ा और तगारी उठाई तथा नाले-नालियों में जमा मलबे की सफाई कर आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने सांगोद स्थित सुलभ कॉम्पलेक्स का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि स्वच्छ वातावरण नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।
स्वच्छता अभियान के दौरान मंत्री नागर ने खुद फावड़ा चलाकर नालियों में जमा गंदगी और मलबा हटाया। उनके इस कदम को देखकर स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता भी सफाई अभियान में शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है और जनभागीदारी से ही स्वच्छ भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने अपने सांगोद स्थित आवास पर आमजन और भाजपा कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है।
इसके बाद मंत्री हीरालाल नागर ने विनोदखुर्द क्षेत्र में विद्युत निगम के जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में नवनिर्मित सीसी ब्लॉक के बीच उगी घास को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता सुरेश सेढवाल को निर्देश देते हुए कहा कि सीसी निर्माण के बाद भी घास उगना तकनीकी खामी को दर्शाता है। भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान उचित तकनीकी उपाय अपनाए जाएं ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में कहीं भी ढीले बिजली के तार या तिरछे पोल दिखाई नहीं देने चाहिए। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं विनोदखुर्द में सूंडकिया पेयजल योजना के तहत अपर्याप्त जलापूर्ति और अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने पर उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि आमजन को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।