
कोटा . बरसात एक बार फिर कोटा पर मौत बनकर बरसी। ( Rain Incident) ओपेरा रोड पर 11 केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। ( electricity Incident) नाले पर अतिक्रमण ( Encroachment ) कर खड़ी की गई दुकानों पर आने-जाने के लिए बने लोहे के चैनल से करंट नाले में बहने लगा। ( Electric Shock ) इससे वहां मौजूद 15 भैंसें और दो गायों की चपेट में आने से मौत हो गई। ( cattle died )
रविवार सुबह महावीर नगर स्थिति परिजात कॉलोनी के पीछे नाले के ऊपर से गुजर रही केईडीएल की 11 केवी हाईटेंशन लाइनमें अचानक स्पार्किंग होने लगी और एक तार टूटकर नाले की पुलिया पर गिर पड़ा। पुलिया के ठीक नीचे नाले में मौजूद मवेशी इसकी चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि करीब 200 मीटर दूर बंधी भैंसों व गायों और पानी में घूम रहे अन्य जानवरों को भी अपनी जद में ले लिया। उनकी करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
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टला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि छुट्टी का दिन होने से कोचिंग जाने वाले बच्चों की भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसके साथ ही नाले में बनी टापरियों में रह रहे लोगों को करंट उतरने का आभास हो गया और वह तुरंत टापरियां खाली कर सड़क की ओर भाग गए। यदि उन्हें कुछ और देर हो जाती या पशुओं को बचाने की कोशिश करते तो वह भी करंट की चपेट में आ सकते थे।
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अतिक्रमण बना हादसे की वजह
अजमेर निवासी सांवरा, रामलाल, बंशीलाल पिछले सात-आठ साल से इस नाले के बीचों बीच टापरियां बनाकर रह रहे हैं। नाले की जमीन पर अतिक्रमण कर उन्होंने सात-आठ टापरियां बना रखी हैं। इसमें पूरा परिवार तो रह ही रहा है, साथ ही टापरियों के बाहर पूरे नाले में तीन दर्जन से ज्यादा मवेशी भी बांध रखे हैं। इतना ही नहीं सड़क किनारे नाले में लोहे के एंगल का बेस और चैनल बनाकर 30 से ज्यादा अतिक्रमण खड़े कर लोगों ने अवैध दुकानें खोल रखी हैं। 11 केवी का तार जब टूटा तो वह सीधे इन्हीं दुकानों के आगे अतिक्रमण कर लगाए गए लोहे के चैनल पर जा गिरा। चैनल नाले में गढ़ा होने की वजह से पूरा करंट पानी में उतर आया और उसमें बैठे मवेशियों को अपना शिकार बना लिया।
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नहीं हुई सप्लाई फेल
केईडीएल के सीईओ मुकेश गर्ग ने बताया कि यदि तार टूटते ही जमीन पर आ गिरता तो ऑटो सिस्टम के जरिए पूरी लाइन फेल होकर बंद हो जाती, लेकिन तार लोहे के चैनल पर गिरा था, जिसकी वजह से विद्युत प्रवाह बना रहा और फॉल्ट डिटेक्ट नहीं किया जा सका। लोगों ने जब हादसे की सूचना दी, तब जाकर आपूर्ति बंद करवाई गई। हालांकि उन्होंने पूरे मामले की जांच करने और लाइन मैंटेनेंस में दोषी पाए जाने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
मुआवजे की घोषणा
मवेशियों के मारे जाने की खबर लगते ही विधायक संदीप शर्मा समेत स्थानीय नेता मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख महावीर नगर और राजीव गांधी नगर थाने का जाप्ता मौके पर पहुंच गया।
तहसीलदार लाडपुरा, केईडीएल के उपभोक्ता समन्वय हैड प्रसेनजीत गर्ग, स्थानीय एईएन एसके सरेवाल और विवेक कुमार भी मौके पर आ गए। विधायक शर्मा ने पीडि़त परिवारों को प्रति भैंस एक लाख रुपए देने की मांग की। इस पर केईडीएल के अफसरों ने फौरी तौर पर प्रति मवेशी 45 हजार रुपए की तत्कालिक सहायता देने की घोषणा कर दी। बाकी का प्रस्ताव बनाकर भेजने का आश्वासन दिया, तब जाकर आक्रोशित लोग शांत हुए।